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Haryana Civic Polls 2026: इनेलो ने घोषित किए मेयर पद के उम्मीदवार, सोनीपत और पंचकूला के लिए इन चेहरों पर लगाया दांव

चंडीगढ़: हरियाणा नगर निकाय चुनाव को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल ने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. सोनीपत नगर निगम के लिए आनंद खत्री और पंचकूला नगर निगम के लिए मनोज अग्रवाल को इनेलो ने मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है. अंबाला नगर निगम मेयर पद के उम्मीदवार का ऐलान इनेलो आज शाम तक तय कर सकती है.

अभय चौटाला का बीजेपी पर निशाना: इसके अलावा अभय चौटाला ने हरियाणा सरकार को कई मोर्चों पर घेरा. उन्होंने कहा कि “गेहूं खरीद के दौरान पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की मंडियों में ड्यूटी लगाई थी और सहायक केंद्र भी खोले थे, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी ना हो. लेकिन सरकार की नीतियों के कारण किसानों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.”

बायोमेट्रिक व्यवस्था पर उठाए सवाल: अभय चौटाला ने कहा कि “सरकार को पहले ही चेताया गया था कि गेहूं खरीद में बायोमेट्रिक प्रक्रिया लागू न की जाए, लेकिन इसके बावजूद इसे लागू किया गया. इस फैसले से किसानों को भारी परेशानी हुई और अब हालात ऐसे हैं कि गेहूं का उठान सही तरीके से नहीं हो पा रहा. देरी के कारण किसानों के खातों में भुगतान भी समय पर नहीं पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है.”

अंबानी-अडानी के साइलो पर भी साधा निशाना: चौटाला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मंशा किसानों की गेहूं को निजी कंपनियों के साइलो में भेजने की थी, जहां कमियां निकालकर फसल को कम कीमत पर खरीदा जा सके. उन्होंने दावा किया कि इनेलो के दबाव के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा और मंडियों में खरीद प्रक्रिया को जारी रखना पड़ा.

विशेष सत्र और महिला बिल पर सवाल: मुख्यमंत्री द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र पर भी चौटाला ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि “सरकार के पास महिला बिल पर निंदा प्रस्ताव लाने का समय है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर चर्चा करने का समय नहीं है. जो बिल लोकसभा में पारित नहीं हो पाया, उसकी चर्चा राज्य में करने का कोई औचित्य नहीं है. सरकार इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रही है.”

जमीन रजिस्ट्री और पोर्टल सिस्टम पर नाराजगी: अभय चौटाला ने किसानों की जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि “अब रजिस्ट्री के लिए कम समय दिया जा रहा है और कई अधिकारियों के पास जाना पड़ता है, जिससे प्रक्रिया जटिल हो गई है.” इसके अलावा पोर्टल सिस्टम पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सर्वर अक्सर डाउन रहता है, जिससे किसानों को मंडियों में भी परेशानी झेलनी पड़ती है.

BBMB और पंजाब को लेकर भी उठाए मुद्दे: अभय चौटाला ने BBMB में हरियाणा के प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई और कहा कि “अगर राज्य का अधिकारी वहां नहीं होगा, तो प्रदेश के हितों की पैरवी कौन करेगा. पंजाब में भाजपा का कोई खास आधार नहीं है और मुख्यमंत्री वहां जाकर राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं.”