Sonipat Politics: सोनीपत में कांग्रेस को बड़ा झटका, मेयर उम्मीदवार कमल दीवान ने चुनाव लड़ने से किया इंकार
सोनीपत: मेयर चुनाव को लेकर सियासी माहौल अचानक गरमा गया है. कांग्रेस मेयर प्रत्याशी कमल दीवान ने नामांकन दाखिल करने के अगले ही दिन चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है. ये फैसला ऐसे समय आया है, जब चुनाव प्रचार की शुरुआत होने वाली थी. उनके इस कदम से पार्टी में हलचल मच गई है और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है. खास बात ये है कि एक दिन पहले तक सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन अचानक लिए गए इस फैसले ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं.
दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में भरा था नामांकन: कमल दीवान ने बुधवार को ही कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था. उस दौरान पार्टी एकजुट नजर आ रही थी और चुनाव को लेकर पूरी तैयारी दिख रही थी, लेकिन अगले ही दिन उनका चुनाव से पीछे हटना कई सवाल खड़े कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक सुबह से उन्होंने दीपेंद्र हुड्डा के फोन भी नहीं उठाए, जिससे स्थिति और ज्यादा उलझ गई है.
अंदरूनी कलह की चर्चाएं तेज: कमल दीवान के इस फैसले के पीछे पार्टी की अंदरूनी खींचतान को वजह बताया जा रहा है. हालांकि आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की तरफ से अभी कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि टिकट को लेकर संगठन के भीतर मतभेद थे. इसी वजह से दीवान ने अचानक चुनाव से दूरी बना ली. इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा फिर से जोर पकड़ने लगी है.
बीजेपी पहले ही उतार चुकी है उम्मीदवार: मेयर चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राजीव जैन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. ऐसे में कांग्रेस के सामने अब नया उम्मीदवार तय करने की चुनौती खड़ी हो गई है. समय कम होने के कारण पार्टी को जल्द फैसला लेना होगा, ताकि चुनावी मैदान में मजबूत तरीके से उतर सके.
10 मई को होना है चुनाव: सोनीपत में मेयर का चुनाव 10 मई को होना है और उससे पहले ये घटनाक्रम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. अब पार्टी नए चेहरे को सामने लाएगी या फिर कमल दीवान को मनाएगी. ये देखना दिलचस्प होगा.