Nashik News: नासिक की आईटी कंपनी में महिलाओं से दरिंदगी, ‘लेडी सिंघम’ ने भेष बदलकर किया बड़े गिरोह का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार
Nashik IT company Case: महाराष्ट्र के नासिक की एक आईटी कंपनी विवादों में घिर गई है. आरोप है कि यहां काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों का यौन शोषण हुआ. इसकी जांच एसआईटी कर रही है. पुलिस के अनुसार, कंपनी से जुड़े कुछ लोगों पर न केवल महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और शोषण के आरोप हैं, बल्कि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.
इस कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को बेहतर करियर के सपने दिखाए गए. लेकिन इसके उलट उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों ने महिलाओं पर एक विशेष धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला और उनकी सोच को प्रभावित करने की कोशिश की. इस खुलासे के बाद पीड़ितों के परिवारों में आक्रोश फैल गया है.
सात महिला पुलिस अफसरों की टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम दिया.इसके लिए सात महिला पुलिस अफसरों की एक विशेष टीम गठित की गई. इन अधिकारियों ने कंपनी में नौकरी करने का बहाना बनाकर एंट्री ली. कंपनी के अंदर जाने के बाद उन्होंने देखा कि कुछ कर्मचारी महिला स्टाफ के साथ अश्लील इशारे कर रहे थे और अभद्र व्यवहार कर रहे थे.
इस स्थिति की पुष्टि होते ही महिला अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया. इस पूरे ऑपरेशन को बेहद सीक्रेट तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि आरोपियों को भनक न लगे. पुलिस ने इस दौरान 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की.
‘जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था’
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी के कुछ टीम लीडर पूरी प्लानिंग से महिला कर्मचारियों का ब्रेनवॉश कर रहे थे. उन्हें प्रेम संबंधों के जाल में फंसाकर शादी के लिए मजबूर किया जा रहा था. अब तक दो शादीशुदा महिलाओं सहित आठ युवतियों के साथ छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इतना ही नहीं, एक युवक को भी जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किए जाने की बात सामने आई है.
इस मामले में पुलिस ने अब तक एक महिला एचआर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि यह महिला लंबे समय से फरार थी और उसे पुणे से पकड़ा गया. पुलिस ने उसे सह-आरोपी बनाया है, क्योंकि शिकायतों के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की. फिलहाल सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है.