ब्रेकिंग
Corruption Case: रिश्वत के फेर में फंसे खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और उप-निरीक्षक, विजिलेंस टीम की बड़ी ... Crime News: पति से सुलह का झांसा देकर महिला से गैंगरेप, पूर्व पार्षद और उसके साथी पर संगीन आरोप Shocking Incident: युवक के साथ हैवानियत! बंधक बनाकर मारपीट और नग्न कर अश्लील हरकत; पुलिस जांच शुरू Immigration Scam: विदेश जाने का सपना पड़ा भारी! ठगी के शिकार हुए व्यक्ति की शिकायत पर 4 पर FIR एक्शन मोड में स्वास्थ्य मंत्री: रोहतक PGI में किया औचक निरीक्षण, मरीजों की कतार देख किया ये काम Crime News: पान का खोखा लगाने के नाम पर अवैध वसूली! पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार Haryana CM Rally: मुख्यमंत्री के स्वागत में टूटी विशाल माला, मंच पर ही धड़ाम से गिरे भाजपा पार्षद Dadri Development News: दिल्ली दरबार में दादरी का दम! सांगवान-मनोहर की मुलाकात, हरियाणा को मिलेगी बड... RTE Reimbursement News: 14 साल से नहीं बढ़ी RTE प्रतिपूर्ति राशि! निजी स्कूलों ने दी नए सत्र में प्र... Durg Bar Association Election 2026: दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ का मतदान संपन्न, 17 पदों के लिए 64 उम्मी...

JSLPS Women Cadre Protest: महिला सशक्तिकरण के दावे फेल? 8 महीने से नहीं मिला मानदेय, धरने पर बैठीं JSLPS की महिलाएं

धनबादः महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर गांव-गांव काम करने वाली महिलाएं आज खुद ही अनदेखी की शिकार हो गई हैं. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की करीब एक हजार महिला कैडर पिछले आठ महीनों से मानदेय के इंतजार में हैं. आर्थिक तंगी से जूझ रही इन महिलाओं ने अब अपनी आवाज बुलंद करते हुए जिला समाहरणालय में धरना दिया है.

मेहनत का हक नहीं मिल रहाः महिला कैडर

मानदेय भुगतान की मांग को लेकर जेएसएलपीएस की महिला कैडर बड़ी संख्या में जिला समाहरणालय पहुंचीं और परिसर में धरने पर बैठ गईं. प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें ही उनकी मेहनत का हक नहीं मिल रहा है.

हम महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हैंः महिला कैडर

महिलाओं ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों में जाकर स्वयं सहायता समूह बनाती हैं, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ती हैं और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करती हैं. इसके साथ ही बैंक से ऋण दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत हो सके.

खुद की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है

इतना ही नहीं, ये महिला कैडर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलाती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करती हैं. बावजूद इसके, पिछले आठ महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी खुद की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है.

भुगतान नहीं होने से महिलाएं परेशान

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिलना सीधी उपेक्षा है. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की है, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें.