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“अशांति की आग में झुलस रही दुनिया, भगवान महावीर का संदेश ही एकमात्र रास्ता!” सम्राट संप्रति म्यूजियम के उद्घाटन पर बोले पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात में गांधीनगर के कोबा गांव में नवनिर्मित ‘सम्राट संप्रति म्यूजियम’ का उद्घाटन किया. श्री महावीर जैन आराधना केंद्र में स्थित इस म्यूजियम का नाम सम्राट संप्रति महाराज (224-215 ईसा पूर्व) के नाम पर रखा गया है. इस दौरान प्रणानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “महावीर जयंती के पावन पर्व पर मुझे इस पवित्र जैन तीर्थ आने का सौभाग्य मिला है. मैं कोबा तीर्थ से सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं देता हूं.

पीएम मोदी ने कहा मुझे खुशी है कि हजारों वर्ष की भारतीय विरासत, जैन धर्म का समयातीत ज्ञान, हमारी धरोहरें और उनसे मिलने वाली प्रेरणाएं. उन्हें आने वाली सदियों तक अमर बनाने के लिए, उन्हें नए और आधुनिक रूप में अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हमारे संतों ने इस जैन हेरिटेज म्यूजियम की संकल्पना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यह संकल्पना एक भव्य रूप में साकार हो रही है. यह सम्राट संप्रति संग्रहालय, जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र बना है. मैं इस अद्वितीय प्रयास के लिए हमारे सभी जैन संतों का अभिनंदन करता हूं. इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे.

कुछ शासकों ने हिंसा को हथियार बनाकर किया शासन

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उस दौर में जहां एक ओर कुछ शासकों ने हिंसा को हथियार बनाकर शासन किया, वहीं सम्राट संप्रति ने सिंहासन पर बैठकर अहिंसा का विस्तार किया. उन्होंने सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया. इतने निस्वार्थ भाव से शासन को सेवा का माध्यम मानकर जीवन जीना, यह सीख हमें भारत के अतीत से ही मिलती है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में ज्ञान हमेशा से एक मुक्त प्रवाह रहा है. हर युग में तीर्थंकरों और ऋषियों-मनीषियों का अवतार हुआ। ज्ञान का संकलन बढ़ता चला गया. समय के साथ बहुत कुछ नया जुड़ता गया.

संदेश पूरी मानवता के लिए बहुत अहम

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में जिस तरह के हालात हैं. जिस तरह विश्व अस्थिरता और अशांति की आग में झुलस रहा है, इस म्यूजियम की विरासत, इसका संदेश केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए बहुत अहम है. जो लोग यहां पर आएं, वे भारत की जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के कोने-कोने में पहुंचाएं. भारत में ज्ञान हमेशा से एक मुक्त प्रवाह रहा है.

पीएम मोदी बोले- 10 संकल्प दोहराने का अवसर

  1. पहला संकल्प: पानी बचाने का
  2. दूसरा संकल्प: एक पेड़ मां के नाम
  3. तीसरा संकल्प: स्वच्छता का मिशन
  4. चौथा संकल्प: वोकल फॉर लोकल
  5. पांचवां संकल्प: देश दर्शन
  6. छठा संकल्प: प्राकृतिक खेती को अपनाना
  7. सातवां संकल्प: स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना
  8. आठवां संकल्प: योग और खेल को जीवन में लाना
  9. नौवां संकल्प: गरीबों की सहायता का संकल्प
  10. दसवां संकल्प: भारत की विरासत का संकल्प – जो आप सभी ने स्वयं से जोड़ लिया है.

सदियों पुरानी 2,000 से अधिक वस्तुएं रखी

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि म्यूजियम में सदियों पुरानी दुर्लभ जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत वस्तुएं हैं. इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, लघु चित्र, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं.

 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस म्यूजियम में कई विशाल हॉल हैं जिनमें 2,000 से अधिक वस्तुएं रखी गई हैं. यह म्यूजियम विजिटर्स को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव के बारे में कालानुक्रम आधारित समझ प्रदान करता है.