Bihar Politics News: राज्यसभा जाएंगे सीएम नीतीश कुमार और नितिन नवीन, बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों से दिया इस्तीफा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया. नीतीश के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अब दोनों नेता राज्यसभा में अपनी राजनीतिक पारी की नई शुरुआत करेंगे. वहीं, इस्तीफे से ठीक पहले रविवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर सरगर्मी तेज रही.
नीतीश कुमार (सुशासन बाबू) का राजनीति करियर
नीतीश कुमार ने 1985 में हरनौत (नालंदा) से पहली बार विधायक बनकर करियर की शुरुआत की. 1989 में बाढ़ (पटना) से पहली बार लोकसभा पहुंचे. नीतीश कुमार ने केंद्र में रेल मंत्री, कृषि मंत्री और भूतल परिवहन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जहां उन्होंने रेलवे में व्यापक सुधार लागू किए. साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाल रहे हैं. नीतीश कुमार ने ‘सुशासन बाबू’ के रूप में अपनी पहचान बनाई.
इन कामों ने बनाया लोकप्रिय नेता
बिहार में शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायती राज में महिलाओं को 50% आरक्षण जैसे क्रांतिकारी फैसलों का श्रेय नीतीश कुमार को दिया जाता है. 2026 में राज्यसभा निर्वाचित होने के साथ ही उन नेताओं में शामिल हो गए, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों के सदस्य रहे हैं.
विधानसभा से इस्तीफे के बाद भावुक हुए नितिन नवीन
नितिन नवीन विधानसभा बांकीपुर से इस्तीफे के बाद काफी भावुक नजर आए. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर बांकीपुर से अपने जुड़ाव और राज्यसभा से अपनी नई पारी शुरू करने की जानकारी साझा की. नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी, जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत की.
पिछले 20 वर्षों में पिताजी स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा बनाए गए इस क्षेत्र को पारिवारिक भाव से सींचने, संवारने और विकास के पटल पर आगे बढ़ाने का मैंने निरंतर प्रयास किया है. अब एक बार फिर पार्टी ने मुझे जो नई भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं संकल्पित रहूंगा. मेरे कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा जो अटूट संबंध है, वह सदैव बना रहेगा और मुझे हमेशा नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन देता रहेगा.