मैहर में ‘आस्था का ज्वार’! चैत्र नवरात्र के पहले दिन माँ शारदा के दरबार में उमड़ा जनसैलाब; इस बार VIP दर्शन बंद, आम भक्तों की हुई चांदी
मैहर : चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां शारदा देवी मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन देर रात से ही शुरू हो गया. गुरुवार तड़के सुबह 3 बजे मंदिर के पट खोले गए. सुबह 4 बजे विशेष आरती संपन्न हुई. आरती का संचालन प्रधान पुजारी पवन दाऊ महाराज द्वारा विधि-विधान से किया गया. आरती के साथ ही नवरात्र मेले की औपचारिक शुरुआत हो गई.
नौ दिन तक नौ स्वरूपों की होगी आराधना
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व होता है. पुजारी दाऊ महाराज के अनुसार “पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गई. इसके बाद क्रमशः मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी. प्रत्येक दिन अलग-अलग स्वरूपों की पूजा के लिए मंदिर में विशेष सजावट और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे. नवरात्र मेले में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से मैहर पहुंच रहे हैं.”
रेलवे स्टेशन पर गूंजने लगे मां के जयकारे
मैहर में बुधवार से ही भक्तों का आना शुरू हो गया. गुरुवार सुबह मैहर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ देखने को मिली. सुबह 5 बजे तक स्टेशन परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालु पैदल, निजी वाहनों और रेल मार्ग से बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. नवरात्र मेले में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
क्यूआरएफ और एसएएफ की एक-एक कंपनी के साथ कुल 560 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. इसके अलावा 2 एडिशनल एसपी, 8 डीएसपी, 15 सब इंस्पेक्टर और 10 थाना प्रभारी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं. संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं और 2 ड्रोन की मदद से हवाई निगरानी भी की जा रही है.
वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी
कलेक्टर रानी बाटड ने श्रद्धालुओं की सुविधा और समानता को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस निर्णय का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के सुगमता से दर्शन कराना है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में 14 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. रोपवे और पैदल मार्ग दोनों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है.