ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव में BJP का 'मिशन 2026'! 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी; अब तक 255 नामों का ऐलान, दे... "हम कभी नहीं झुकेंगे!"—अफसरों के तबादले पर चुनाव आयोग से भिड़ीं ममता बनर्जी; बंगाल में 'दीदी' बनाम E... Haryana Budget Session 2026: संपन्न हुआ हरियाणा का बजट सत्र, सीएम सैनी ने गिनाई उपलब्धियां; विपक्ष क... Hooch Tragedy Case: जहरीली शराब कांड में पूर्व विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, जेल नेटवर्क से जुड़ा ह... बृजेंद्र सिंह का सियासी 'सद्भाव' या भविष्य का दांव? पहले अपनों पर तंज, अब बचाव; जानें हरियाणा राजनीत... Myanmar Tragedy Reunion: 11 साल बाद माँ-बच्चों का भावुक मिलन, म्यांमार हिंसा में अलग हुआ था परिवार; ... पानीपत में 'मौत' की बारिश! ऑटो पकड़ने की जल्दी में रेलवे ट्रैक पर कटा युवक; रोंगटे खड़े कर देने वाला ह... Sonipat Police Action: पत्रकारिता के नाम पर ब्लैकमेलिंग, 5 लाख रुपये मांगते हुए यूट्यूबर धराया; सोनी... बारिश के बीच 'यमराज' बनी बेकाबू गाय! व्यक्ति को जमीन पर पटककर बेरहमी से कुचला; रूह कंपा देने वाला वी... Student Suicide Case: छेड़छाड़ से परेशान छात्रा ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में खुला राज; 2 आरोपियों क...

Palam Fire Tragedy: पालम में आग का तांडव, 9 की मौत; रेस्क्यू के दौरान दीवार तोड़कर घुसे पड़ोसी, पुलिस की जांबाजी भी पड़ी कम

दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने हिला कर रख दिया है. पालम मेट्रो स्टेशन के पास राम चौक बाजार के पास स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी बिल्डिंग में लगी आग में एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए.

बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर कपड़ों और कास्मेटिक के दुकान थे, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिल्डिंग के मालिक राजेंद्र कश्यप का परिवार रहता था. सुबह करीब 6:30 बजे एक फूल विक्रेता ने बिल्डिंग से धुआं उठता देखा और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. पुलिस को घटना की जानकारी सुबह 7:04 बजे मिली, जिसके बाद तत्काल टीम मौके पर पहुंची.

40 लोगों ने दुकान का शटर तोड़ा

आग तेजी से फैलने के कारण इमारत में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए दीवार और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की. करीब 40 लोगों ने मिलकर दुकान का शटर तोड़ा, लेकिन धुआं और तेज लपटें बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन गईं.

प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की शुरुआती कार्रवाई में तकनीकी खामियां सामने आईं. लोगों का कहना है कि मौके पर पहुंची पहली दमकल गाड़ी के उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे थे और हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण करीब 45 मिनट तक राहत कार्य प्रभावित रहा. दूसरी दमकल गाड़ी को पहुंचने में भी लगभग 50 मिनट का समय लगा, जिससे हालात और बिगड़ गए.

पड़ोसी ने तोड़ी दीवार

एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि उन्होंने पड़ोसी इमारत की छत से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. पड़ोसी ने मिलकर साझा दीवार तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन धुआं और लपटें देखकर डर लोग अंदर नहीं जा सके. वहीं, एक पुलिसकर्मी ऊपर रेलिंग पकड़कर बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह भी नहीं जा सका.

डेढ़ साल की बेटी के साथ कूदा पिता

इस बीच, जान बचाने के लिए एक व्यक्ति को अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ तीसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी. इस हादसे में बच्ची के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए, जबकि पिता के सिर में गंभीर चोट आई. दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत में ज्वलनशील सामग्री अधिक मात्रा में रखी गई थी, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया. साथ ही, भवन में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके. घटना के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस, दमकल विभाग, बीएसईएस, वायु सेना पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें शामिल रहीं. करीब 30 दमकल गाड़ियों और 11 एंबुलेंस की मदद से आग पर काबू पाया गया. फिलहाल, अधिकारियों ने आग लगने के कारणों के साथ-साथ बचाव कार्य में देरी और उपकरणों की खराबी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है.