ब्रेकिंग
Sadhguru vs Nakkeeran: दिल्ली हाई कोर्ट से ईशा फाउंडेशन को राहत, नकीरन पत्रिका को मानहानिकारक कंटेंट... Uttam Nagar Tarun Murder Case: राहुल गांधी ने की जनता से संयम बरतने की अपील, उत्तम नगर में हत्या के ... Chandauli Bridge Collapse: चंदौली में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, ढलाई के दौरान हुआ हादसा; एक मजद... Eve Teasing Video Viral: लड़की का पीछा करने वाले 2 मनचले गिरफ्तार, 20 मिनट तक सड़क पर मचाया तांडव; प... बंगाल चुनाव में BJP का 'मिशन 2026'! 111 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी; अब तक 255 नामों का ऐलान, दे... "हम कभी नहीं झुकेंगे!"—अफसरों के तबादले पर चुनाव आयोग से भिड़ीं ममता बनर्जी; बंगाल में 'दीदी' बनाम E... Haryana Budget Session 2026: संपन्न हुआ हरियाणा का बजट सत्र, सीएम सैनी ने गिनाई उपलब्धियां; विपक्ष क... Hooch Tragedy Case: जहरीली शराब कांड में पूर्व विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, जेल नेटवर्क से जुड़ा ह... बृजेंद्र सिंह का सियासी 'सद्भाव' या भविष्य का दांव? पहले अपनों पर तंज, अब बचाव; जानें हरियाणा राजनीत... Myanmar Tragedy Reunion: 11 साल बाद माँ-बच्चों का भावुक मिलन, म्यांमार हिंसा में अलग हुआ था परिवार; ...

प्यार के लिए ‘बगावत’! जेल से प्रेमी को छुड़ा लाई प्रेमिका; 9 महीने की बेटी बनी मां-बाप की शादी की गवाह

बिहार के औरंगाबाद जिले की रहने वाली एक युवती ने आखिरकार एक साल बाद अपने प्रेम का पा लिया. दरअसल, हुआ कुछ ऐसा था कि युवती और पास के ही गांव के रहने वाले एक युवक के बीच प्रेम-प्रसंग चला रहा था. दोनों एक दूसरे से चोरी छिपे मिलते थे और फोन पर बाते करते थे. लेकिन उनके इस रिश्ते पर घरवालों को एतराज था. इस दौरान नाबालिग युवक अपने प्रेमिका को लेकर दिल्ली भाग गया.

युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद छानबीन शुरू की महज 8 दिन बाद पुलिस ने दोनों को दिल्ली से बरामद कर लिया. इस दौरान युवक जेल चला गया और युवती वापस अपने घर. लेकिन जब युवती अपने घर पहुंची उसके कुछ दिन बाद उसे मालूम हुआ की वो गर्भवती है… तो इस दौरान उसने समाज और समाज के लोगों के तानों की परवाह किए बगैर एक बड़ा फैसला ले लिया…वो ये था कि वो कोख में पल रहे बच्चे को जन्म देना चाहती थी और ऐसा उसने किया भी. इसके बाद, उसने अपने प्यार को पाने के लिए कोर्ट में रिहाई की अर्जी दी.

युवती ने लड़ी लड़ाई

युवती ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन पिता के नाम के बिना उसे कौन पहचानता…पूरे जीवन उसे समाज के ताने सुनने पड़ते. वहीं अब ये सिर्फ एक प्रेम कहानी से जुड़ा मामला नहीं रह गया था, बल्कि के एक मां की लड़ाई बन गया. मां ने ठान लिया कि वो अब अपनी बेटी को उसका हक दिलाकर रहेगी. इसके लिए उसने कोर्ट में मदद की गुहार लगाई.

कोर्ट ने दी नई ताकत

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हैं और लिखित समझौता देते हैं तो लड़के को जमामत दे दी जाएगी. कोर्ट के इस मानवीय रुख से युवती को नई ताकत मिल गई. आखिररार 8 महीने बाद युवक को जेल से रिहा कर दिया गया. दोनों की कोर्ट में ही बने मंदिर में शादी कराई गई.

9 महीने की मासूम बनी शादी की गवाह

यह सिर्फ एक शादी नहीं थी, बल्कि संघर्ष, इंतजार और एक मां के हौसले की ऐसी कहानी थी, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया. गोद में 9 महीने की मासूम बेटी और आंखों में उम्मीद लिए एक मां को जीत मिली. कभी नाबालिग होने की वजह से समाज और कानून के बीच फंसी इस लड़की की जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसे जानकर हर कोई हैरान है.