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Indore E-Rickshaw New Rules: इंदौर में ई-रिक्शा चलाने के नियम तय, बिना रजिस्ट्रेशन वाले 5000 रिक्शों पर लटकी तलवार; जल्द करें ये काम

इंदौर : मध्य प्रदेश में सबसे घनी आबादी और ट्रैफिक जाम के लिए चर्चित इंदौर शहर में आधे से ज्यादा ई-रिक्शा अवैध तरीके से चल रहे हैं, जिन्हें व्यावसायिक रूप से चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा. शहर में लगभग हर सड़क पर कहीं भी खड़े होकर सवारियां ढोने वाले ई रिक्शा बिना परमिट अथवा वैध कमर्शियल लाइसेंस के बिना चल रहे हैं. यह खुलासा ऑटो रिक्शा चालक संघ के प्रमुख राजेश बिड़कर द्वारा ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक सुधार की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में किया.

इंदौर में आधे ई-रिक्शा अवैध

इंदौर में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति के चलते जब रिक्शा चालकों की समीक्षा की गई तो पता चला कि शहर में कल 10500 में से 5000 से ज्यादा ई-रिक्शा बिना परमिट और जरूरी दस्तावेज के बिना चल रहे हैं. शहर में अधिकांश ई-रिक्शा चालक राजवाड़ा और मुख्य व्यावसायिक बाजारों के आसपास सवारी लेने का काम करते हैं. ऐसी स्थिति में शहर के प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है

सभी ई-रिक्शा का पंजीयन अनिवार्य

ई-रिक्शा का कोई स्टैंड नहीं होने के कारण कहीं से भी सवारी बिठाई और उतारी जाती हैं. ऐसी स्थिति में एक्सीडेंट अथवा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है. इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने अब सभी रिक्शा का पंजीयन करने का निर्णय लिया है. इसके बाद इन्हें शहर में बनाए गए 4 प्रमुख जोन के अनुसार रूट पर चलने के लिए बाकायदा कलर कोड प्रदान किया जाएगा. फिलहाल जिन रिक्शा चालकों के परमिट, लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं हैं. उन्हें 10 दिन में सारी प्रक्रिया पूर्ण करके अपने जोन के अंतर्गत रूट पर पंजीयन कराना पड़ेगा.

इंदौर में 4 रंग के होंगे ई-रिक्शा

शहर के ई-रिक्शा शहर के चारों हिस्सों में बराबर बराबर संख्या में ऑपरेट हो सकें, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और ऑटो रिक्शा संगठन ने बैठक करके 4 जोन तैयार किए हैं. इन जोन में चलने वाले ई-रिक्शा का रंग नीला, पीला, लाल और सफेद होगा, जो ई-रिक्शा के हुड का कलर होगा. डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी के मुताबिक “शहर में कुल 10500 में से अब तक 5000 ई रिक्शा का पंजीयन हो सका है.”

ई-रिक्शा को रजिस्टर्ड करने के लिए 10 दिन की मोहलत

ई-रिक्शा को रजिस्टर्ड करने के लिए 10 दिन में सारी प्रक्रिया पूरा करने के बाद पंजीयन कराना पड़ेगा. इसके अलावा बिना परमिट कमर्शियल लाइसेंस और इंश्योरेंस के ई-रिक्शा चलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई होगी. इसके अलावा ई-रिक्शा अब कहीं भी खड़े नहीं किया जा सकेंगे. नगर निगम से चर्चा के बाद इन्हें स्टॉपेज के लिए स्थान तय करने की भी प्रक्रिया चल रही है.