ब्रेकिंग
मानवता शर्मसार! मंदबुद्धि युवक को जंजीरों से बांधकर करवाई मजदूरी; सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई तो म... Lucky Oberoi Murder Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 संदिग्ध हिरासत में; 38 दिनों से फरार आरोपियों क... Punjab Politics: बंटी रोमाना की मुख्यमंत्री मान को खुली चेतावनी, विवादित बयान से गरमाई सियासत; अकालि... Punjab Rape Case Verdict: कपड़ा व्यापारी को 7 साल की सजा, 13 साल बाद पीड़िता की हुई जीत; जानें क्या ... Gippy Grewal Threat Case: पंजाब में कानून-व्यवस्था पर बरसे सुखबीर बादल, गिप्पी ग्रेवाल को मिली धमकी ... DBU Controversy: देश भगत यूनिवर्सिटी में हंगामा, धरने पर बैठे छात्र और खिलाड़ी; यूनिवर्सिटी प्रबंधन ... LPG Booking New Numbers: पंजाब के गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! इंडेन, HP और भारत गैस ने जारी किए न... सोलर पैनल लगवाने वालों के लिए बड़ी खबर! पंजाब में लागू हुआ नया टैरिफ; 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बिजली बि... पंजाब की जेल में 'सुरक्षा' फेल! कैदियों के पास मिले 5 मोबाइल और नशीला सामान; जेल प्रशासन में मचा हड़... Punjab Power Crisis: सुनील जाखड़ ने PSPCL के आंकड़ों को बताया 'झूठ का पुलिंदा', भगवंत मान सरकार को द...

राहुल गांधी के खिलाफ ‘दिग्गजों’ का मोर्चा! रिटायर्ड जजों, सैन्य अफसरों और IPS ने लिखी चिट्ठी; कहा- “संसद में आचरण ठीक नहीं, देश से मांगें माफी”

देश के 204 पूर्व सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नागरिकों के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के हालिया संसद आचरण की निंदा की है. पत्र के समन्वयक जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने इस गंभीर मामले की व्याख्या करते हुए कहा कि यह घटना भारत की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा और संवैधानिक नैतिकता के लिए चुनौती है.

पत्र में क्या-क्या लिखा?

पत्र में लिखा है कि 12 मार्च को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी द्वारा स्पीकर के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना की गई. उन्होंने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्कुट का सेवन किया, जो राष्ट्र की सर्वोच्च विधायी संस्था में अनुचित और असंसदीय व्यवहार माना गया.

एसपी वैद ने कहा कि यह केवल नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर के प्रति घमंड और व्यक्तिगत विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है. पत्र में जोर दिया गया है कि ऐसे कार्य संसद के विचार-विमर्श को बाधित करते हैं, जनता का बहुमूल्य समय बर्बाद करते हैं और लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं.

‘आत्ममंथन करें राहुल’

पूर्व अधिकारियों और जजों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राहुल गांधी को इस आचरण के लिए राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए, ताकि संसद की गरिमा, प्राधिकार और संस्थागत पवित्रता संरक्षित रह सके.

पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति ऐसे लगातार अनादर से न केवल संसद की विश्वसनीयता कमजोर होती है, बल्कि लोकतांत्रिक जीवन की नींव भी हिल सकती है. एसपी वैद ने इस पत्र को लिखते हुए जनता से अपील की है कि वे ऐसे आचरण की निंदा करें और अपने लोकतांत्रिक संस्थानों की सुरक्षा और सम्मान के लिए सतर्क रहें.