ब्रेकिंग
मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच 'सुपर' रेस्क्यू! ईरान से सुरक्षित निकले 550 भारतीय; एस. जयशंकर ने बताया... Ladakh Protest: लद्दाख में भारी विरोध प्रदर्शन, 6वीं अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग तेज; सोनम वां... नजारा ऐसा कि पेरिस भूल जाएंगे! श्रीनगर में खुला एशिया का सबसे बड़ा 'ट्यूलिप गार्डन'; 18 लाख फूलों की... संभल प्रशासन को हाई कोर्ट का बड़ा झटका! नमाज पर पाबंदी वाला आदेश रद्द; अदालत ने कहा- 'नमाजियों की सुर... Supaul News: सुपौल में सफाई व्यवस्था ठप, धरने पर बैठे नगर परिषद के कर्मचारी; कूड़े के ढेर में तब्दील... भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट का 'सुपर' एक्शन! नियमित सुनवाई से पहले होगा मौका-मुआयना, 2 अप्रैल से शुरू... Ghaziabad Crime: छुट्टी के विवाद में बैंक गार्ड ने मैनेजर को मारी गोली, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्... Delhi Free Bus Travel: ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए दिल्ली की बसों में मुफ्त यात्रा शुरू, कैबिनेट की... Bihar Rajya Sabha Election 2026: बिहार में वोटिंग के दौरान 4 विधायक लापता, क्रॉस वोटिंग का बढ़ा खतरा;... बादशाह के गाने 'टटीरी' पर बवाल! बाल आयोग ने सिंगर समेत 3 को भेजा नोटिस; क्या बच्चों का इस्तेमाल पड़ा ...

“जेन जी को कोई कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन…”—आचार्य प्रशांत ने युवाओं को दिखाया आईना; बताया भीतर छिपा है कौन सा बड़ा खतरा?

इंदौर: इंदौर में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता आचार्य प्रशांत ने जेन जी को लेकर कई तरह की बातों का जिक्र किया तो वहीं मिडल ईस्ट में हो रहे युद्ध को लेकर कहा कि अब विश्व के प्रत्येक देश की राजधानी में मिसाइल और न्यूक्लियर बम इकट्ठा करने की होड मत जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पृथ्वी पहले से ही विध्वंस की कगार पर खड़ी हुई है और अब ये सब.

इंदौर के लता मंगेशकर सभा गृह में शनिवार को प्रसिद्ध दार्शनिक और आध्यात्मिक वक्ता आचार्य प्रशांत के द्वारा एक सेमिनार को संबोधित किया गया. इस सेमिनार में मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों के कई युवक और युवतियां शामिल हुए. आचार्य ने भी अपने संबोधन में जेन जी को लेकर कहा कि पुरानी पीढ़ियों पर समाज परंपरा और व्यवस्था का बाहरी दबाव अधिक होता था जबकि आज की जेन जी (Gen Z) बाहरी व्यवस्था और परंपराओं के खिलाफ आसानी से विरोध दर्ज करवा सकती है.

नई पीढ़ी किसी के नियंत्रण में आसानी से नहीं आती

उन्होंने इसे सकारात्मक प्रवृत्ति बताते हुए कहा की नई पीढ़ी किसी के नियंत्रण में आसानी से नहीं आती लेकिन इसी दौरान उन्होंने यह भी सवाल खड़ा किया कि और कहा कि उनकी असली समस्या बाहरी नहीं बल्कि भीतर की है. उनके अंदर अहंकार बहुत है और वह जो सोचते हैं वह बोल देते हैं उसे जिन लोगों को नुकसान होता है इसके बारे में भी वह नहीं सोचते हैं और वह अपने अंदर ही अहंकार को बैठा चुके हैं और यही जेन जी की सबसे बड़ी कमजोरी भी है. फिलहाल जेन जी को सबसे पहले अपनी इस आदत को ठीक करना होगा तभी वह समाज के सबसे काबिल युवाओं की श्रेणी में आएंगे.

युद्ध दुनिया को संदेश दे रहे हैं, जिसकी लाठी उसकी भैंस

वहीं, मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध को लेकर आचार्य प्रशांत ने कहा कि युद्ध दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि जिसकी लाठी उसकी भैंस. जब ताकत, मिसाइल और हथियार ही सबसे बड़ा तर्क बन जाता है तो युवा पीढ़ी के सामने भी यही उदाहरण जाता है की शक्ति ही सब कुछ है. उन्होंने आगे यह भी चेतावनी दी की दुनिया में हथियारों की होड़ और परमाणु हथियारों का काला बाजार बढ़ जाएगा, क्योंकि हर देश अपनी सुरक्षा के लिए ताकत जुटाने ने की कोशिश करेगा.

भारत को विश्व गुरु बनने से पहले खुद काफी सीखना है

उन्होंने यह भी दावा किया कि आज दुनिया भर के देशों की राजधानी में बैठे उनके प्रतिनिधियों के द्वारा आने वाले दिनों में किस तरह से अपने देश को सुरक्षित करने के लिए बड़े मिसाइल और न्यूक्लियर बनाना है उस पर मंथन किया जा रहा है. वही, आचार्य प्रशांत ने 2047 में भारत को विश्व गुरु बनाने के दावे का खंडन करते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने से पहले खुद ही काफी कुछ सीखना होगा उसे अपनी पुरानी परंपराओं से काफी कुछ सीखने की आवश्यकता है. उसे पश्चिम के देशों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है बल्कि उसकी पुरानी पीढ़ी के पास ही बहुत कुछ मौजूद है और उससे ही उसे सीखने की आवश्यकता है.

गुरु बनने से पहले एक अच्छा शिष्य बनना होगा

आचार्य प्रशांत ने कहा कि “भारत अभी अपनी पुरानी पद्धति और रीति रिवाज से कुछ नहीं सीख रहा है. अतः अभी 2047 में भारत विश्व गुरु बने इसकी संभावना कम है और मैं तो चाहता हूं कि भारत आज ही विश्व गुरु बन जाए. लेकिन इसके लिए भारत को काफी कुछ सीखने की आवश्यकता है और गुरु बनने से पहले उसे एक अच्छा शिष्य बनना होगा.”

बता दें कि आचार्य प्रशांत के बड़ी संख्या में समर्थक देशभर में मौजूद हैं और वह अपने सेमिनारों में सबसे ज्यादा बात यूथ और गीता की करते हैं. ऐसे में इंदौर में हुए सेमिनार में भी कई युवा उन्हें सुनने के लिए आए हुए थे.