ब्रेकिंग
"नेताजी की अस्थियां कहां हैं?"—सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार; याचिकाकर्ता से पूछा ऐसा सवाल क... Share Market Crash Today 2026: क्यों गिरा आज शेयर बाजार? जानें वे 5 बड़े कारण जिनसे निवेशकों को लगा ... Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में गूंजा ईरान संकट, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा; पूछा— "अमेरिका ... Iran Conflict Update: ईरान में फंसे 9000 भारतीय, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया वतन वापसी का पूरा प्ल... बड़ी खबर: टेरर फंडिंग केस में शब्बीर शाह को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत! 7 साल बाद जेल से आएंगे बाहर... LPG Crisis in Rural Areas: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब 45 दिन करना... दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अभी इतना काम है बाकी, इन वाहनों को नहीं देना होगा 1 रुपया... संसद में गूंजी थाली-चम्मच की आवाज! LPG संकट पर TMC महिला सांसदों का अनोखा विरोध; सदन में भारी हंगामा... थरूर का मणिशंकर अय्यर को करारा जवाब: "विदेश नीति भाषण देने के लिए नहीं, देश के हित के लिए होती है!" ... फारूक अब्दुल्ला पर हमला? पूर्व CM का खौफनाक खुलासा— "मुझे लगा पटाखा फूटा, बाद में पता चला गोली चली!"...

Delhi Police News: दिल्ली पुलिस के SI ने मांगी डिमोशन की अर्जी, सब-इंस्पेक्टर से कांस्टेबल बनने की चाहत; जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की अजीबो गरीब रिक्वेस्ट से पुलिस महकमा हैरान रह गया. दरअसल, सब इंस्पेक्टर का एक लेटर वायरल हुआ है, जिसकी चर्चा हर कहीं हो रही है. चर्चा हो भी क्यों ना. क्योंकि एसआई साहब की प्रार्थना ही कुछ ऐसी है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली की उत्तर पूर्वी जिले के एक पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस सब इंस्पेक्टर ने हाल ही में अपने आला अधिकारियों के सामने एक रिक्वेस्ट की. रिक्वेस्ट ऐसी थी जिससे अधिकारियों को भी हैरान कर दिया कि एक सब इंस्पेक्टर अपनी पदोन्नति को वापस करवाना चाहता है.

दरअसल, ये सब इंस्पेक्टर कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुआ था. बाद में पदोन्नत होकर सब इंस्पेक्टर बना दिया गया. लेकिन खुश होने के बजाय अब ये चाहते हैं कि इन्हें वापस कांस्टेबल बना दिया जाए.

पुलिस मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट

इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की पेंशन सेल की ओर से सभी संबंधित इकाइयों को पत्र भेजा गया है. ये मामला अपने आप में बेहद अजीब है. लिहाजा किसी की समझ नहीं आ रहा कि कैसे इसे अमली जामा पहनाया जाए. इस मामले में आगे की कार्रवाई से पहले पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों और इकाइयों से रिपोर्ट मांगी है.

…. तो इसे निल रिपोर्ट माना जाएगा

पत्र में कहा गया है- ये भी बताया जाए कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई विभागीय जांच, आपराधिक मामला, विजिलेंस जांच, निलंबन, शिकायत, ओवरपेमेंट, मेडिकल या अनुपस्थिति से जुड़ा कोई मामला लंबित तो नहीं है. साथ ही नो डिमांड सर्टिफिकेट भी तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है. यदि तय समय में कोई जानकारी नहीं दी जाती है तो इसे निल रिपोर्ट माना जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी.