ब्रेकिंग
Gurugram Crime News: ₹3000 के लेनदेन में किशोर की हत्या, गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार; ... CM Nayab Saini on LPG Shortage: हरियाणा में नहीं होगी गैस की कमी, सीएम सैनी ने कहा— 'हमारे पास है पर... Charkhi Dadri LPG Crisis: चरखी दादरी में सिलेंडर बुकिंग को लेकर हाहाकार, सर्वर और OTP की समस्या से उ... Haryana Weather Update: हरियाणा में भीषण गर्मी का कहर, इन 6 शहरों में तापमान 36°C के पार; 14 मार्च स... Haryana Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले भूपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, विधायकों की एकजुटता पर लगाई म... Assam Assembly Election 2026: असम चुनाव में झामुमो की संभावित एंट्री को लेकर चर्चा तेज, गौरव गोगोई न... हांसी में गरजे दिग्विजय चौटाला: "हरियाणा में अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे हालात!" 13 मार्च की रैली को ल... Jharkhand-Bihar Border Search Operation: नक्सलियों के खिलाफ झारखंड जगुआर का बड़ा प्रहार, सीमावर्ती इ... Food Poisoning in Wedding: शादी समारोह में खाना खाने के बाद 50 लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने इलाके म... Jharkhand News: डीजे पाबंदी के खिलाफ भाजपा विधायकों का प्रदर्शन, नेता प्रतिपक्ष ने लाउडस्पीकर और अज़...

Parliament Face-off: फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा पर मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस, अविश्वास और आरोपों से गरमाया सदन; जानें बड़ी बातें

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर कल बुधवार देर रात हुए जानलेवा हमले का मामला संसद में उठा. राज्यसभा में हमले का मामला उठाते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा खत्म हो रही है. ऐसे में इसे राज्य के रूप में बहाल करना चाहिए. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या सरकार फारूक अब्दुल्ला को मारने चाहती है. इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हर बात को राजनीतिक एंगल देना सही नहीं है, मामले की जांच की जा रही है.

राज्यसभा में फारूक अब्दुल्ला पर हमले की घटना और उनकी सुरक्षा का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा, “सुरक्षा गृह मंत्रालय के अधीन आता है. क्या सरकार का इरादा फारूक को मारने का है? जो लोग सोशलिज्म को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, उन लोगों को आप खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के हाथ में कश्मीर सुरक्षित नहीं है. गंभीर बात यह है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा खत्म होती जा रही है.

एक मिनट और होता तो…

खरगे ने कहा, “अगर एक मिनट और होता तो हमलावर फारूक को जान से मार देता, लेकिन वहां मौजूद लोकल सिक्योरिटी ने उन्हें बचा लिया. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र के गृह मंत्रालय के तहत आती है. केंद्र सरकार के हाथ में कश्मीर सुरक्षित नहीं है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि उसका राज्य का दर्जा बहाल कर दीजिए, आपके हाथ में जम्मू कश्मीर के लोग सुरक्षित नहीं हैं.

कांग्रेस नेता खरगे की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री पर हुए हमले पर दुख जताते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “कल रात जो कुछ हुआ वो बहुत ही गंभीर मामला है. भारत सरकार मामले को लेकर काफी गंभीर है. इससे जुड़ी सभी जांच पूरी की जाएगी. हमलावर के मंसूबों की भी जानकारी ली जा रही है.

राजनीतिक एंगल देना सही नहींः नड्डा

नड्डा ने कहा कि हर बात को राजनीतिक चश्मे से देखना और राजनीतिक एंगल देना सही नहीं है. जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्ज नहीं मिला इसलिए इस तरह का हमला हो गया. ये गलत बात है. उन्होंने आगे कहा, “खरगे का ये कहना है कि, सरकार का मंसूबा उनकी हत्या का है ये निंदनीय है. ऐसे मंसूबे इनके रहे हैं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की घटना सबको याद है.”

फिलहाल आरोपी की पहचान 63 साल कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है. कमल सिंह जम्मू में पुरानी मंडी के रहने वाले हैं. उसे गिरफ्तार किया जा चुका है. उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से फारूक को निशाना बनाने की ताक में था.

इस बीच जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने हमले को लेकर कहा, “मैं ये सवाल आप पर छोड़ता हूं कि आप इस हमले को किस तरह लेते हैं. मैं अपने PSO का धन्यवाद देता हूं कि तत्परता दिखाने पर गोली ऊपर चली गई. उसके छर्रे मुझे भी लगे. अत्यधिक संरक्षित आदमी पर इस प्रकार का हमला हुआ है तो ये सवाल उठाता है. यह हादसा कोई छोटी बात नहीं है. हमने इसे बहुत करीब से देखा है.”

पुलिस दे जवाब, हमला क्यों हुआः DyCM चौधरी

उन्होंने अब्दुल्ला पर हमले को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपराज्यपाल को निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि इस घटना में अब्दुल्ला, वह खुद और नासिर सौगामी बाल-बाल बच गए. सुरिंदर ने कहा कि यह घटना जम्मू में हुई है, कश्मीर में नहीं, इसलिए इसे आतंकी हमला भी करार नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि उनके सुरक्षाकर्मियों ने ही आरोपी को पकड़कर पुलिस स्टेशन तक पहुंचाया और अब पुलिस को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए कि यह हमला क्यों हुआ.

सुरक्षा चूक की तह तक पहुंचे पुलिसः मुफ्ती

PDP प्रमुख और J-K की एक अन्य पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी हमला पर चिंता जताई और कहा, “फारूक अब्दुल्ला पर हुए गंभीर हमले के बारे में सुनकर हैरान हूं. हालांकि यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित हैं और ठीक हैं. उम्मीद है कि पुलिस इस बहुत परेशान करने वाली सुरक्षा चूक की तह तक पहुंचेगी.”

दूसरी ओर, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अब्दुल्ला पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई और मामले में पूरी जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले का समाचार सुनकर चिंतित हूं. जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा जिन लोगों को सौंपा गया है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.