सहकारी बैंक की जमीन पर ‘कब्जा’, सदन में मचा कोहराम! कांग्रेस का आरोप— खास आदमी को फायदा पहुंचाने के लिए अतिक्रमण नहीं हटा रही सरकार
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने डोंगरगढ़ में सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा भवन निर्माण के लिए आवंटित जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया.
कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि अपनी ही आबंटित जमीन से अतिक्रमण नहीं हटा पा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक भवन निर्माण की राशि स्वीकृत होने के बावजूद शाखा को किराए के भवन में चलाया जा रहा है, ताकि किसी निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाया जा सके.
सरकार की कमजोरी पर भड़कीं हर्षिता बघेल
कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जमीन पर सहकारी बैंक शाखा भवन बनना है, वहां भूमिपूजन भी हो चुका है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया. उन्होंने पूछा कि आखिर उस जमीन पर किसका कब्जा है और सरकार उसे हटाने में क्यों असफल हो रही है.उनका कहना था कि भवन निर्माण की राशि मंजूर होने के बावजूद बैंक शाखा किराए के भवन में चल रही है, जिससे किसानों को भी असुविधा हो रही है.
मंत्री केदार कश्यप का जवाब – कलेक्टर से हो चुकी है चर्चा
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल बैंक का भवन नहीं होने के कारण शाखा किराए के भवन में संचालित की जा रही है. उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर कलेक्टर से चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी.
किसानों की सुविधा का मुद्दा उठा
हर्षिता बघेल ने सरकार से सवाल किया कि जब बैंक किसानों के लिए बनाया गया है तो उन्हें बेहतर सुविधा कब मिलेगी. उन्होंने पूछा कि अतिक्रमण कब तक हटेगा और भवन निर्माण कब शुरू होगा. इस पर मंत्री केदार कश्यप ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर भवन निर्माण कराया जाएगा.
भूपेश बघेल ने भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्न में जमीन के रकबे को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने पूछा कि कुल कितनी जमीन आबंटित है और पार्किंग के लिए कितनी जगह की आवश्यकता है. मंत्री ने बताया कि 2200 वर्ग मीटर जमीन आबंटित है और लगभग 3 हजार वर्ग मीटर जमीन पार्किंग के लिए चाहिए. इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि वहां करीब 19 हजार वर्ग फीट जमीन खाली पड़ी है, इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है, जिससे साफ है कि किसी निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए कार्रवाई नहीं की जा रही है. मंत्री ने दोहराया कि अतिक्रमण जल्द हटाया जाएगा.