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पंजाब: सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर पलटा; बाल-बाल बचे सैकड़ों बच्चे, मची अफरा-तफरी

लुधियाना: विधानसभा हलका साहनेवाल के अंतर्गत चंडीगढ़ रोड स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में बेहद खतरनाक लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल परिसर के अंदर ही घरेलू गैस सिलेंडरों की पलटी (एक सिलेंडर से दूसरे में गैस ट्रांसफर) का अवैध काम किया जा रहा है, वह भी अध्यापकों की मौजूदगी में।

जानकारी के मुताबिक जिस जगह पर गैस की पलटी की जा रही थी, वहां स्कूल के कई अध्यापक मौजूद थे और आसपास बच्चे भी घूम रहे थे। ऐसे में जरा सी चूक से बड़ा धमाका हो सकता था, जिससे सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। यह घटना पिछले शनिवार की बताई जा रही है, जिसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चे डर और दहशत में नजर आए। मामले पर सवाल उठने पर स्कूल के मुखी रमिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि मीडिया के पहुंचने पर स्कूल स्टाफ ने सुरक्षा गार्ड और मिड-डे मील स्टाफ पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश की। वहीं कुछ कर्मचारियों ने माना कि अगर किसी सिलेंडर में थोड़ी गैस बच जाती है तो उसे दूसरे सिलेंडर में ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिसके लिए ‘बंसरी’ नामक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है।

इस दौरान यह भी सामने आया कि स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के भोजन को भी लापरवाही से फेंका जा रहा था, जो अन्न की बर्बादी का मामला है। इस संबंध में डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि यह सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की पलटी के दौरान अक्सर जानलेवा हादसे होते हैं और कई लोगों की मौत तक हो चुकी है। ऐसे में स्कूल में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया गया, चाहे वह स्कूल हेड हो, अध्यापक हो या अन्य स्टाफ, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।