ब्रेकिंग
Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ... Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- 'इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के ख... Ayodhya Ram Mandir: दानपात्र गबन मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; कहा- 'बिना धुएं के आग नहीं न... Jaipur Fire Accident: पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड का मुख्य आरोपी कय्यूम खान गिरफ्तार; कचरा बीनकर बिता र... Greater Noida Police: सूर्य ग्लोबल कंपनी में शर्मनाक वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, ICU में भर्ती है पीड़... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... NEET Exam Tension: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा; अलवर की छात्रा रेणु मीणा ने दी जान, इलाके में शोक की ल... Bihar News: छपरा-हाजीपुर फोरलेन का अधूरा पुल; 15 वर्षों से निर्माणाधीन, अब 40 करोड़ के नए ठेके से जग...

Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट

महाराष्ट्र के कल्याण से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां 30 वर्षीय बैंक कर्मचारी को आवारा कुत्ते ने काट डाला. बैंक कर्मचारी के मन में डॉग बाइट को लेकर ऐसा खौफ पनपा कि उसने सुसाइड ही कर लिया. दरअसल, बैंककर्मी को लगा कि कहीं उसे रेबीज ना हो जाए. बस इसीलिए उसने ये खौफनाक कदम उठाया.

मृतक की पहचान विश्वनाथ अमीन (30) के रूप में हुई है. वो कल्याण पूर्व के तिसगांव नाका इलाके का रहने वाला था. एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, विश्वनाथ पिछले 8 सालों से ठाणे स्थित भारत बैंक में कार्यरत था. कुछ दिन पहले एक आवारा कुत्ते ने उसे काट लिया था. हालांकि, उसने समय रहते रेबीज का इंजेक्शन भी लगवा लिया था, लेकिन उसके दिमाग से बीमारी का डर नहीं निकला.

इंजेक्शन के बाद भी सता रहा था मौत का डर

परिजनों के मुताबिक, कुत्ता काटने की घटना के बाद से ही विश्वनाथ काफी परेशान और डरे हुए रहने लगे थे. इंजेक्शन लगवाने के बावजूद उसे महसूस हो रहा था कि उसके शरीर में कुछ असामान्य बदलाव हो रहे हैं. उसे लगातार यह घबराहट सता रही थी कि रेबीज का वायरस उनके शरीर में फैल चुका है और इसका कोई इलाज संभव नहीं है. इसी मानसिक घबराहट और चिंता ने उसे इतना मजबूर कर दिया कि उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.

सुसाइड नोट ने खोले राज

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इस नोट में विश्वनाथ ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह रेबीज होने के डर से यह कदम उठा रहे हैं. उसने अपनी मौत के लिए इसी डर को जिम्मेदार ठहराया है.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने फिलहाल आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट में रेबीज का जिक्र है, लेकिन आत्महत्या के पीछे की असली वजहों की गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विश्वनाथ को पहले से ही कोई एंग्जायटी की समस्या थी या इंजेक्शन के बाद उन्हें कोई भ्रम पैदा हो गया था. यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि शारीरिक उपचार के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के मामलों में मानसिक परामर्श भी उतना ही जरूरी है.