ब्रेकिंग
Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... Indian Army: LoC पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, राजौरी में आतंकियों का मददगार गिरफ्तार; सेना का 'डबल... BJP Leader Threat: लॉरेंस गैंग का खौफ! बीजेपी नेता को दी विधायक से 2 करोड़ की रंगदारी वसूलने की सुपा... Bomb Threat: दिल्ली-NCR के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी! आज फिर आईं कई फेक कॉल्स, जांच एजेंसियों ... CAA Case: नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में 5 मई से शुरू होगी निर्णायक सुनवाई, 200 से ज्यादा याचिक...

Greater Noida West Metro: मेट्रो का वादा कर बिके फ्लैट, पर आज भी अधूरा सपना; अब महिलाओं ने संभाला मोर्चा, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट ऊंची-ऊंची रिहाइशी इमारतें, चौड़ीं सड़कें और हजारों परिवारों से आबाद है. यहां के लाखों लोग आज भी मेट्रो कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे हैं. यह इलाका NCR का सबसे बड़ा आवासीय हब बन चुका है. जिस समय यह शहर बस रहा था, तब मेट्रो कनेक्टिविटी का सपना दिखाकर बिल्डरों ने फ्लैट बेच डाले, लेकिन आज भी क्षेत्र के लाखों लोग जाम और लंबी दूरी की परेशानी झेलने को मजबूर हैं.

मेट्रो के नाम पर हुई मार्केटिंग

पंचशील ग्रीन-2 सोसाइटी की रहने वाली अमिता सक्सेना ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रह रही हैं. बुनियादी सुविधाओं और मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर हमने यहां सपनों का घर खरीदा था, क्योंकि यह इलाका दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से सटा होने के चलते इन जगहों पर आने-जाने में आसानी होगी, लेकिन समय बीतता गया और लाखों की संख्या में लोग आने शुरू हुए और जाम की स्थिति बनती चली गई.

लोगों को उम्मीद थी कि जब मेट्रो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आएगी तो लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा, लेकिन 10 सालों में आज तक यहां मेट्रो नहीं आई. उनकी खुद की बेटी अपने कॉलेज नोएडा सेक्टर-120 जाती है. हर रोज घंटों जाम में फंसती है, लेकिन ऑटो न मिले तो यहां सवारी इंतजार करती रहे. कई बार उसकी अटेंडेंस भी छूट जाती है, जबकि सबसे नजदीक मेट्रो स्टेशन सेक्टर-52 है. वहां तक पहुंचने में भी बहुत परेशानी होती है.

हर बार चुनावी मुद्दा बना, लेकिन नहीं मिला समाधन

पंचशील ग्रीन-2 की रहने वाली दिव्या मलिक ने बताया कि लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव. हर बार चुनाव से पहले मेट्रो का लॉलीपॉप ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को पकड़ा दिया जाता है. चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि और सरकार किए गए वादे भूल जाती है.

इस बार चुनाव में भी मेट्रो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सबसे अहम मुद्दा होगी, क्योंकि यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. फिर से मेट्रो आने की चर्चा तेज हो गई है. नेताओं की जनसभाओं में मेट्रो के विस्तार के लिए जल्द मंजूरी और निर्माण शुरू होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. अगर मेट्रो नहीं तो वोट नहीं.

अलग-अलग रूट प्रस्तावित

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ही रहने वाली रश्मि पांडे ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो से जोड़ने के लिए अलग-अलग रूट हर बार प्रस्तावित किए गए. सबसे पहले सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन तक लिंक लाइन और 11 प्रस्तावित स्टेशन की DPR को मंजूरी मिली, जिसका करीब अनुमानित खर्च 2,991 करोड़ रुपए बताया गया, लेकिन DPR को मंजूरी और सहमति मिलने के बाद भी आज तक जमीनी स्तर पर मेट्रो का निर्माण शुरू नहीं कराया जा सका.

कई बार टेंडर जारी होने और सर्वे प्रक्रिया पूरी होने की खबरें सामने आईं, लेकिन क्षेत्र में अब तक प्लेयर या ट्रैक का कम दिखाई नहीं दिया. कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सांसद-विधायकों से भी बात की गई, लेकिन एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण फाइलें आगे-पीछे होती रहीं.

सवाल वही कि आखिर कब आएगी मेट्रो?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी अनीता प्रजापति ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जिस मेट्रो को विकास की धुरी बताया गया था, वह अब भी कागजों और फाइलों में सिमटी हुई है. लाखों निवासी जानना चाहते हैं कि आखिर कब मेट्रो की पटरी ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक पहुंचेगी. विकास की बड़ी योजनाओं के बीच यहां के लोग आज भी भरोसे और इंतजार के बीच खड़े हैं.

अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि क्या मेट्रो का सपना जल्द हकीकत बनेगा या फिर वादा यूं ही अधूरा रह जाएगा, क्योंकि सुबह-शाम लगने वाले जाम की स्थिति अब यहां आम हो गई है. ट्रैफिक में फंसकर लोगों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहा है. यदि मेट्रो जल्द शुरू हो जाती है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ट्रैफिक समस्या काफी हद तक काम हो सकती है.