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फरीदाबाद में आवारा पशुओं के लिए बना प्रदेश का पहला श्मशान घाट, अब सम्मानजनक तरीके से होगा अंतिम संस्कार

फरीदाबा: फरीदाबाद में आवारा जानवरों के संरक्षण और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। नगर निगम फरीदाबाद द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर आपसी एनजीओ के सहयोग से आवारा जानवरों के लिए शमशान घाट का निर्माण किया गया है। यह फरीदाबाद का पहला ऐसा शमशान घाट है, जो विशेष रूप से आवारा पशुओं के लिए बनाया गया है।

इस शमशान घाट के बनने से सड़कों पर मृत आवारा जानवरों के निस्तारण की समस्या से राहत मिलेगी, साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब मृत पशुओं को इधर-उधर फेंकने की बजाय सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इस परियोजना में नगर निगम ने जमीन उपलब्ध कराई, जबकि निर्माण और संचालन में विभिन्न सामाजिक एनजीओ ने सहयोग किया। एनजीओ का कहना है कि लंबे समय से आवारा जानवरों के लिए एक स्थायी और सम्मानजनक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे अब मूर्त रूप दिया गया है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस शमशान घाट के शुरू होने से शहर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या कम होगी। संक्रमण फैलने की आशंका घटेगी, साथ ही पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों को एक व्यवस्थित व्यवस्था मिलेगी। सामाजिक संगठनों और पशु प्रेमियों ने इस पहल को मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बताया है। उनका कहना है कि फरीदाबाद की यह पहल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि शहर के हर क्षेत्र से मृत आवारा जानवरों को यहां लाकर उचित तरीके से अंतिम संस्कार किया जा सके।