ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर... Agra-Lucknow Expressway Accident: फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, इटावा DFO विकास नायक और उनके ड्राइव... Former IAS Divya Mittal: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बिना किसी दल के बनाएंगी अपना...

संभल मस्जिद है विवादित ढांचा… इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश में लिखा

इलाहाबाद हाई कोर्ट में मंगलवार को संभल स्थित शाही जामा मस्जिद से संबंधित सफेदी और सफाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई है. इस दौरान हाई कोर्ट ने आदेश में संभल मस्जिद की जगह विवादित ढांचा लिखा. दरअसल, हिन्दू पक्ष के वकील की मांग पर आदेश में विवादित ढांचा लिखा गया है. वहीं, यूपी सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति राज्य की ओर से बनाए रखी जा रही है.

सुनवाई के दौरान वकील हरि शंकर जैन ने कोर्ट से मस्जिद को ‘विवादित संरचना’ के रूप में संदर्भित करने के लिए कहा, जिसके बाद जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने स्टेनो से विवादित ढांचा शब्द लिखने को कहा. अब इलाहाबाद हाई कोर्ट मस्जिद कमेटी की अर्जी पर 10 मार्च को सुनवाई करेगा.

ASI की रिपोर्ट हो खारिज- मस्जिद कमेटी की मांग

सुनवाई के दौरान ASI की रिपोर्ट पर मस्जिद कमेटी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. ASI ने मस्जिद कमेटी की आपत्ति पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने ASI को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया. मस्जिद कमेटी का कहना है कि मस्जिद की साफ-सफाई शुरू हो गई है, लेकिन नमाज के लिए सफेदी की भी इजाजत दी जाए. इसके अलावा मस्जिद समिति ने हाई कोर्ट से एएसआई की रिपोर्ट खारिज करने की मांग की है और कहा है कि एएसआई गार्जियन है, मालिक नहीं.

सफेदी की जरूरत मस्जिद में नहीं देखी- ASI

ASI के वकील ने कहा कि हमने सफेदी की जरूरत मस्जिद में नहीं देखी है. पिछली सुनवाई में ASI ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सफेदी की जरूर नहीं है, सफाई कराई जा सकती है. हाई कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को ASI की रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करने की अनुमति दी थी. दरअसल, संभल की जामा मस्जिद प्रबंधन समिति ने अर्जी दायर की है और अर्जी में रमजान महीने के मद्देनजर संभल की जामा मस्जिद की सफेदी और सफाई की मांग की गई है.

शाही जामा मस्जिद पर कब बढ़ा विवाद?

शाही जामा मस्जिद पर विवाद इस दावे से जुड़ा है कि मस्जिद का निर्माण ऐतिहासिक हरिहर मंदिर के ऊपर किया गया था. 24 नवंबर, 2024 को मस्जिद के सर्वे के लिए अदालत के आदेश के बाद तनाव काफी बढ़ गया, जिसके कारण हिंसक झड़पें हुईं और चार लोगों की मौत हो गई. इस घटना ने मामले को लेकर कानूनी और सांप्रदायिक जटिलताओं को और गहरा कर दिया, जिसने कानूनी पर्यवेक्षकों और स्थानीय समुदायों दोनों का व्यापक ध्यान आकर्षित किया. शुक्रवार को जारी एक पूर्व आदेश में कोर्ट ने एएसआई को मस्जिद परिसर की सफाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन रमजान से पहले सफेदी करने की अनुमति नहीं दी थी. कोर्ट ने मस्जिद का निरीक्षण करने और इसकी स्थिति पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन सदस्यीय एएसआई टीम के गठन का भी आदेश दिया था.