ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...

यूनियन कार्बाइड कंपनी का जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाने का विरोध शुरू

पीथमपुर। यूनियन कार्बाइड कंपनी परिसर भोपाल में रखा 337 टन कचरा 12 से अधिक कंटेनर्स में भरकर देर रात तक पीथमपुर पहुंचने की सूचना तेजी से फैल गई है। कचरा आने के बाद उसे हर दिन दो टन जलाया जाना है। कंपनी में भस्मक को कचरा जलाने के लिए तैयार कर लिया गया है।

यह भस्मक कचरे को नष्ट कर देगा, जिससे वातावरण में यानी हवा में उसका प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार यह प्रक्रिया कई माह तक चल सकती है, जो पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती होगी। ज्ञात हो कि कचरे को भोपाल से हटाकर पीथमपुर लाने की प्रक्रिया पिछले 15 सालों से चल रही है।

2010 में आए थे जयराम रमेश

सन 2010 में उठे कचरे को पीथमपुर में लाकर जलाने की बात ने खूब तूल पकड़ा और तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश खुद पीथमपुर स्थित रामकी कंपनी पहुंचे थे, परंतु उस वक्त पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

विरोध के स्वर हुए तेज

भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने में चार दशकों से पड़े रासायनिक और जहरीले कचरे को पीथमपुर स्थित संयंत्र में नष्ट करने की तैयारी तेज होते ही विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। जिम्मेदार इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।

चिंता में लोग

ऐसे में लोगों को भोपाल में हजारों लोगों की जिंदगी लीलने वाले इस कचरे का भोपाल से पीथमपुर आने की भनक लगते ही लोगों को चिंता में डाल दिया है। इसलिए विरोध करने वाले लामबंद हो गए हैं। रविवार को पीथमपुर रक्षा मंच के बैनर तले श्रीराम रामेश्वर मंदिर से एक रैली निकाली गई।

समझाइश देकर हटाया

इस दौरान अनेक जगहों पर लोग सड़कों पर बैठे, किंतु पुलिस बल ने समझाइश देकर उन्हें रास्ते से हटाया। रैली प्रमुख मार्गों से होते हुए आयशर ब्रिज पहुंची, जहां पीथमपुर रक्षा मंच के लोग सड़क पर बैठ गए और भाषणबाजी की।

इसके बाद सीएसपी विवेक गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान नपाध्यक्ष सेवंती सुरेश पटेल, बीजेपी पार्षद अशोक पटेल, पार्षद प्रतिनिधि विजय रघुवंशी, एडवोकेट राजेश चौधरी, पूर्व पार्षद हेमंत पटेल, पीथमपुर बचाओ समिति के डॉ. हेमंत हीरोले, भारतीय मानव अधिकार परिषद संस्था के सलीम शेख, पूर्व पार्षद विपुल पटेल, विकास पटेल सहित बड़ी संख्या में रहवासी और स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की। हालांकि विरोध के बीच ही इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि रविवार रात में ही भोपाल के कचरे को पीथमपुर लाया जा रहा है।

ये कहा जिम्मेदारों ने

नपा उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया, पार्षद मनीषा लालू शर्मा भी हाथ पर काली पट्टी बांधकर रैली में शामिल रहे। नपाध्यक्ष सेवंती सुरेश पटेल व उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया ने कहा कि कचरे को पीथमपुर में नहीं जलाया जाए। नगर पालिका की आम बैठक में सर्वानुमति से प्रस्ताव पारित कर जहरीले कचरे को अन्यत्र जलाया जाने की बता कही।