ब्रेकिंग
Naghah Loh Dor Tradition: हाईवे के किनारे बिना कैमरे और कैशियर के बिकता है सामान, क्यूआर कोड से होता... Himachal Horticulture News: मौसम की मार से बागवान परेशान, बाजार में पहुंचे सिर्फ 1.15 करोड़ सेब के ब... Patna MLC Election News: मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा, अनुज सिंह... UP News Today: बिजनौर के अमीखानपुर में 26 बीघा कृषि भूमि हथकंडे का मामला, एसपी केके बिश्नोई ने दी जा... Mumbai Manori Beach Accident: फंसे हुए विदेशी जहाज में गैस कटर से चोरी के दौरान चार की मौत, सनसनी Voter List Revision Maharashtra: बीएलओ के लिए नए नियम जारी, व्हाट्सऐप और घर-घर जाकर दस्तावेज स्वीकार... Amravati Road Accident News: शेगांव से दुर्गा मूर्ति लेकर वर्धा जा रही पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, व... Ramanujnagar Police Station: आरोपी दामाद भजन सिंह गिरफ्तार, पारिवारिक विवाद में की थी खौफनाक वारदात Gandhi Jayanti Special: रायपुर के शुक्ला भवन और जैतूसाव मठ में रुके थे महात्मा गांधी, अस्पृश्यता निव... SECR GM Tarun Prakash Visit: चांपा और नैला रेलवे स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग, म...

पद्मश्री विजेता बैगा चित्रकार को नम आंखों से आखिरी विदाई, कलेक्टर और एसपी ने दिया अर्थी को कंधा

उमरिया : उमरिया जिले की शान आदिवासी चित्रकार जोधइया बाई का 86 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बैगा चित्रकला को देश विदेश तक पहुंचाने में जोधइया बाई का बड़ा योगदान था। वर्ष 2023 में राष्ट्रपति ने चित्रकला में विशेष योगदान के लिए जोधइया बाई को पद्म श्री पुरस्कार दिया था।

उमरिया जिले के सुप्रसिद्ध बैगा चित्रकार पद्म श्री जोधइया बाई का रविवार की शाम लंबी बीमारी के बाद उनके ग्राम लोढ़ा स्थित आवास में निधन हो गया है। देश और दुनिया को बैगा चित्रकला की बारीकियों से रूबरू कराने में जोधइया बाई का विशेष योगदान रहा है

बता दें शिक्षा दीक्षा से विहीन जोधइया बाई बैगा ने 70 वर्ष की उम्र में चित्रकला सीखनी शुरू की थी। उनके गुरु मशहूर चित्रकार आशीष स्वामी ने चित्रकला का प्रशिक्षण दिया था जिसके बाद जोधइया बाई की चित्रकला का लोहा पूरी दुनिया ने माना था।

जोधइया बाई को 84 साल की आयु में पहला राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान वर्ष 2022 में और 2023 में 85 वर्ष की आयु में देश का प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान मिला था और 86 वर्ष की आयु में उनकी मौत हो गई है।

जोधइया बाई बीते साल भर से पैरालिसिस सहित अन्य कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। आज उनकी अंतिम यात्रा उनके गृहग्राम में निकाली गई। जिसमें उमरिया कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अर्थी को कंधा दिया है।