ब्रेकिंग
Satna News: सतना में जवारे विसर्जन से लौट रहे श्रद्धालुओं पर लाठी-डंडों से हमला, एक की हालत गंभीर Bhopal Weather Update: अप्रैल में तपती थी भोपाल की धरती, इस बार क्यों है राहत? देखें पिछले 10 साल का... High Court Decision: घर में नमाज पढ़ने पर पुलिस का चालान रद्द, हाई कोर्ट ने दिया पुलिस को बड़ा निर्द... Ramayan Teaser Out: रणबीर कपूर के 'राम' अवतार ने जीता दिल, 2 मिनट के टीज़र ने खड़े कर दिए रोंगटे! IPL 2026: क्या संजीव गोयनका को सफाई दे रहे थे ऋषभ पंत? LSG की हार के बाद वायरल वीडियो ने मचाई खलबली Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी ने मचाई तबाही; एक की मौत Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें आज 10 ग्राम सोने का ताजा भाव UPI Record: डिजिटल इंडिया का दम! सालभर में हुआ 300 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन, टूटा पिछला रिकॉर्... Hanuman Jayanti 2026: सुबह छूट गई पूजा? तो शाम को इस शुभ मुहूर्त में करें बजरंगबली की आराधना Health Alert: क्या आप भी पीते हैं हद से ज़्यादा पानी? किडनी पर पड़ सकता है भारी, जानें क्या कहता है ...

अब ई-साक्ष्य जुटा रही पुलिस, ऐप का उपयोग करने वाला पहला राज्य बना मप्र

भोपाल। देश में 1 जुलाई से 3 कानूनों के नए स्वरूप में प्रभावी होने के बाद इनके अनुरूप मध्य प्रदेश में ई-साक्ष्य संकलन भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा तैयार ई-साक्ष्य ऐप का उपयोग विवेचना अधिकारी हर स्तर पर कर रहे हैं। एक सप्ताह से प्रदेश में इस ऐप का उपयोग शुरू हो गया है। इसमें विवेचना अधिकारी मोबाइल से वीडियो तैयार करके ऐप पर अपलोड करते हैं।

ऐप में रिकॉर्डिंग का विकल्प

हर तरह की रिकॉर्डिंग लिए ऐप में अलग विकल्प चुनना होता है। उदाहरण के तौर पर घटनास्थल, पीड़ित और साक्षी की रिकॉर्डिंग के लिए अलग-अलग विकल्प रहेगा। यह रिकॉर्डिंग उसी विकल्प के नाम से पुलिसकर्मी की लाग इन-पासवर्ड से डिजी लाकर में सुरक्षित हो जाएगी, जिसे बाद में आवश्यकता के अनुसार देखा जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त ऑनलाइन समन भी भेजे जाने लगे हैं। नए कानून प्रभावी होने के साथ प्रदेश में हर जगह इसका उपयोग शुरू हो गया है। कोर्ट से थानों को समन ऑनलाइन आ रहे हैं। जिन आरोपियों या गवाहों के मोबाइल नंबर या मेल आईडी उपलब्ध हैं, उन्हें थाने से भी व्हाट्सएप या मेल से समन भेजे जा रहे हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चंचल शेखर ने दावा किया है कि ई-साक्ष्य व्यवस्था को अपनाने में मध्य प्रदेश देश में अव्वल रहा है। दरअसल, पुराने कानूनों में बदलाव के बाद भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत डिजिटल साक्ष्य को मान्य किया गया है। इसी कड़ी में सभी राज्यों को ई-साक्ष्य एप्लीकेशन पर वीडियो और फोटो के साथ जानकारी अपलोड करनी है।

प्रदेश में विवेचना अधिकारियों ने अपने मोबाइल पर यह एप्लीकेशन इंस्टॉल किया है। घटना स्थल की रिकार्डिंग, घटना स्थल की गूगल लोकेशन, शिकायतकर्ता, आरोपित और साक्ष्य देने वाले के बयान का वीडियो अपलोड करने के बाद विवेचना अधिकारी घटनास्थल से ही अपनी सेल्फी अपलोड करेंगे।