राजगढ़। संगीतमय भगवद्कथा के दौरान कथावाचक को अटैक आ गया। अटैक आने से व्यास पीठ पर ही उनका निधन हो गया। गुरुपूर्णिमा के मौके पर मप्र के प्रसिद्ध कथावाचक गोपाल कृष्ण महाराज पचोर के समीपस्थ गांव पाडल्या अंजना में स्थित गुरू आश्रम में कथा कर रहे थे। भजन की सुरीली धुन पर श्रद्धालु मगन होकर नृत्य कर रहे थे। तभी व्यास पीठ पर बैठे महाराज को अचानक अटैक आया और वह बेसुध हो गए। कथा स्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। उन्हें तुरंत पचोर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चेक करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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गुरू पूर्णिमा में मौके पर कथा के दौरान कथा वाचक द्वारा भजन गाए जा रहे रहे थे। जिस समय वह भजन गा रहे थे, उस दौरान कई भक्त उनके भजन पर नाच रहे थे। मौके पर पांडाल में कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। उसी दौरान उन्हें अचानक अटैक आ गया। इससे पंडाल में अफरा-तफरी मच गई। कई भक्त उन्हें संभालने के लिए मंच पर पहुंचे व बिना देरी किए पचोर अस्पताल लेकर रवाना हुए।
आयोजक विजय सिंह ने बताया कि महाराज उज्जैन के रहने वाले थे। अटैक आने के बाद उनके पार्थिव शरीर को सोमवार को उज्जैन के गुरू आश्रम में ले जाया गया. जहां पर विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव पाडल्या अंजना सहित जिले से भी कुछ भक्त उज्जैन पहुंचे थे।
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