ब्रेकिंग
Lohardaga Fire News: कुडू में फर्नीचर शोरूम में लगी भीषण आग; 15 लाख का सामान जलकर खाक Jharkhand Health Department: रिम्स में मेडिकल एडमिशन में अनियमितता; स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर C... Car Fire Incident NH-33: हजारीबाग से रांची जा रही कार में अचानक लगी आग; परिवार के चार सदस्य सुरक्षित Jharkhand Health News: अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का ... Garhwa Monsoon Update: गढ़वा में अब तक 'जीरो' बारिश; खेती के लक्ष्य को लेकर कृषि विभाग चिंता में Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा राजनीतिक पारा; भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमने-सामने भाजप... Jharkhand News: मुहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन सख्त; डीजे पर प्रतिबंध, ड्रोन से निगरानी और CRPF की तै... Jharkhand Jobs News: स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियां; 56 फूड सेफ्टी ऑफिसर और 151 विशेषज्ञ डॉक्टर... Sports Promotion Ranchi: रांची रेल मंडल शुरू करेगा चेस, फुटबॉल और वॉलीबॉल अकादमी; नि:शुल्क प्रशिक्षण... Jamtara School Raid: स्कूल के बरामदे में बैठकर ग्राहकों को लूट रहे थे साइबर अपराधी, पुलिस ने रंगे हा...

जल्द नहीं थमेगा ब्याज दरों में वृद्धि का दौर, फिर बढ़ेगा रेपो रेट ! 

आरबीआई ब्याज दरों में अभी राहत नहीं देना चाहता है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को जारी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के ब्योरे में इसका संकेत दिया है। ब्योरे के मुताबिक, दास ने कहा कि ब्याज दरों में वृद्धि का दौर जल्द थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, अगर तरलता को कम करने की कोशिश के तहत की जा रही वृद्धि को सही वक्त आने से पहले रोक दिया गया तो यह नुकसानदेह साबित हो सकता है। आरबीआई की दिसंबर के पहले सप्ताह में हुई एमपीसी की बैठक में रेपो दर में 0.35 फीसदी की वृद्धि की गई थी।

इस वृद्धि को सही ठहराते हुए दास ने कहा, मेरा मानना है कि मौद्रिक नीति कार्रवाई में वक्त से पहले ठहराव लाना इस वक्त एक बड़ी नीतिगत भूल साबित होगी। अभी भविष्य की स्थिति काफी अनिश्चय है। ऐसे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोकने से ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिनमें महंगाई दर का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसा होने पर हमें और ज्यादा कड़े नीतिगत फैसले करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

एमपीसी सदस्य जयंत वर्मा ने किया था विरोध 
एमपीसी सदस्य जयंत आर वर्मा ने रेपो दर में 0.35% वृद्धि के खिलाफ मतदान किया था। उन्होंने कहा था, मेरा मानना है कि 6.25% की रेपो दर आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम है। उदार रुख वापस लेने से विकास के नरम दृष्टिकोण को नुकसान हो सकता है।