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पटवारियों पर हो रही दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ छत्तीसगढ़ फेडरेशन ने खोला मोर्चा, कमल वर्मा ने की सीएम साय से हस्तक्षेप की मांग

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से प्रशासनिक और कर्मचारी जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने सूबे में राजस्व पटवारियों के खिलाफ की जा रही विभिन्न दंडात्मक कार्रवाइयों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने राजस्व पटवारियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों और ‘पीवी ऐप’ (PV App) की व्यावहारिक तथा तकनीकी समस्याओं का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं किए जाने पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका दो टूक कहना है कि इन तकनीकी समस्याओं का निराकरण किए बिना प्रशासनिक स्तर पर पटवारियों के खिलाफ लगातार दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका फेडरेशन पुरजोर विरोध करता है।

कर्मचारी संगठनों की जायज मांगों पर संवाद के जरिए हो समाधान, तानाशाही और दमनात्मक रवैया उचित नहीं— कमल वर्मा

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हमेशा कर्मचारी संगठनों की सभी न्यायसंगत और जायज मांगों का समाधान आपसी संवाद तथा सकारात्मक प्रशासनिक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीवी ऐप की तमाम जटिल तकनीकी व व्यावहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान और वर्षों से लंबित पड़ी वेतन विसंगतियों को दूर करना पटवारी संवर्ग की पूरी तरह से न्यायसंगत मांगें हैं। इन गंभीर समस्याओं का समाधान करने के बजाय बलौदाबाजार जिले में पटवारी संघ के पदाधिकारियों व अन्य पटवारियों के धड़ाधड़ स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा महासमुंद जिले में पटवारियों को निलंबित करने जैसी कठोर कार्रवाइयां करना किसी भी लिहाज से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अनेक महत्वपूर्ण सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं प्रदेश के पटवारी, बिना जमीनी हकीकत समझे कार्रवाई से कर्मचारियों का गिर रहा है मनोबल

कमल वर्मा ने राज्य के पटवारियों की मेहनत और उनके दायित्वों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के पटवारी पहले से ही डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, किसान पंजीयन, जनगणना, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वेक्षण जैसे अनगिनत बेहद महत्वपूर्ण शासकीय और प्रशासनिक कार्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे नाजुक वक्त में पीवी ऐप से जुड़ी जमीनी और व्यावहारिक कठिनाइयों को गहराई से समझे बिना मैदानी कर्मचारियों के खिलाफ इस प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की विभागीय कार्रवाइयों के कारण पूरे प्रदेशभर के राजस्व कर्मचारियों के बीच भय और गहरा असंतोष का वातावरण बनता जा रहा है।

सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर अपनाना चाहिए चर्चा का मार्ग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से तत्काल हस्तक्षेप करने की जोरदार मांग

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बीते 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन की राह पर है। इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराने के लिए शासन-प्रशासन को किसी भी प्रकार का दमनात्मक रवैया अपनाने के बजाय संगठन के जिम्मेदार प्रतिनिधियों के साथ तुरंत उच्चस्तरीय चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी अफसोस जताया कि संबंधित विभाग द्वारा पटवारियों की इन तमाम समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री के समक्ष विषय प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है, जो कि एक चिंता का विषय है। कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए, जिसमें पीवी ऐप की तकनीकी दिक्कतों, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति से जुड़ी लंबित मांगों का समयबद्ध तरीके से हल निकाला जाए तथा पटवारियों पर की गई सभी दंडात्मक कार्रवाइयों की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित व न्यायसंगत फैसला लिया जाए।