Jaipur University Suicide: जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA छात्रा ने 7वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, परीक्षा से पहले आया था रहस्यमयी फोन
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित पूर्णिमा विश्वविद्यालय (Poornima University) परिसर में शनिवार के रोज एक अत्यंत खौफनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है। यहाँ मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही एमबीए (MBA) द्वितीय वर्ष की एक होनहार छात्रा यशस्वी रोहिल्ला ने यूनिवर्सिटी की मुख्य इमारत की सातवीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस गंभीर दुर्घटना के बाद आनन-फानन में लहूलुहान छात्रा को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी साँसें थम गईं। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से ठीक पहले आए एक अज्ञात और रहस्यमयी फोन कॉल के बाद उठाए गए इस कदम से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे विश्वविद्यालय परिसर में गहरा सन्नाटा व हड़कंप व्याप्त है।
गुर्जर की थड़ी की रहने वाली थी मृतका यशस्वी रोहिल्ला, हाल ही में हुआ था कैंपस प्लेसमेंट
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अपनी जान गंवाने वाली छात्रा की शिनाख्त जयपुर के ही गुर्जर की थड़ी इलाके की रहने वाली यशस्वी रोहिल्ला के रूप में हुई है, जो पूर्णिमा यूनिवर्सिटी से एमबीए सेकंड ईयर की डिग्री ले रही थी। इस दुखद घटना के संबंध में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण डीन (DSW) डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि यशस्वी अकादमिक रूप से बेहद प्रतिभाशाली छात्रा थी और सबसे बड़ी बात यह है कि कुछ समय पूर्व ही उसका शानदार कैंपस प्लेसमेंट भी हो चुका था। शनिवार को उसकी परीक्षा का दिन था, लेकिन परीक्षा केंद्र में कदम रखने से पूर्व ही उसके मोबाइल पर किसी अनजान शख्स का फोन आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस फोन कॉल पर बातचीत समाप्त करने के फौरन बाद वह सीधे इमारत की सातवीं मंजिल पर पहुँची और नीचे कूद गई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, सातवीं मंजिल का दरवाजा खुला रहने और गार्ड्स की गैरमौजूदगी पर संशय
इस भीषण हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी संवेदनशील इमारत की सातवीं मंजिल और छत का मुख्य दरवाजा बिना किसी ताले या सुरक्षा के खुला कैसे छोड़ा गया था? क्या इसके लिए प्रबंधन के पास कोई संतोषजनक जवाब है? इतनी अधिक ऊँचाई वाली इस बहुमंजिला इमारत की छत या ऊपरी टेरिस पर किसी भी सुरक्षा गार्ड की तैनाती क्यों नहीं की गई थी? इसके अलावा, छत की सुरक्षा दीवार या बाउंड्री वॉल की ऊँचाई मात्र चार फीट थी, जिसके ऊपर आसानी से चढ़कर कोई भी व्यक्ति नीचे छलांग लगा सकता है। सुरक्षा मानकों से जुड़ी इन गंभीर और आपराधिक किस्म की लापरवाहियों पर फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।
पुलिस ने छात्रा का बैग और मोबाइल फोन लिया कब्जे में, कॉल डिटेल और अंतिम बातचीत से खुलेगा राज
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची शिवदासपुरा थाना पुलिस ने मृतका का बैग और मोबाइल फोन अपने कब्जे में सुरक्षित ले लिया है। पुलिस अब उस आखिरी इनकमिंग कॉल के डेटा, वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट बैकअप को तकनीकी रूप से खंगालने में जुटी है, जिसके आने के ठीक बाद यशस्वी ने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, अभी तक आत्महत्या के पीछे की असली और सटीक वजह का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस के अधिकारी मृतका के परिजनों, क्लासमेट्स और कॉलेज के शिक्षकों से आमने-सामने पूछताछ कर इस पूरे मामले के हर एक पहलू की गहराई से जाँच