Sheopur News: कुपोषण प्रभावित कराहल में भगवान भरोसे चल रहे आंगनवाड़ी केंद्र, महीनों से गायब मिलेंगी कार्यकर्ता; थमाया गया नोटिस
श्योपुर: मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल और कुपोषण से गंभीर रूप से जूझ रहे श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड से प्रशासनिक लापरवाही की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण अंचलों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रहे हैं। जिले के दौलतपुर और कुराचोर खुर्द गांवों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर पिछले कई महीनों से ताले लटक रहे हैं और जिम्मेदार कार्यकर्ता ड्यूटी से पूरी तरह नदारद पाई गई हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले इन केंद्रों के बंद मिलने पर अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
सहायिकाओं के कंधों पर चल रहा आंगनवाड़ी का जिम्मा, दौलतपुर में दो साल से केंद्र पर नहीं आई मुख्य कार्यकर्ता
दौलतपुर गांव की आंगनवाड़ी सहायिका नारायणी बाई आदिवासी ने मीडिया और अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताते हुए खुलासा किया कि केंद्र की मुख्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शगुन आदिवासी कराहल कस्बे में किराए का मकान लेकर वहीं निवास करती हैं, और वे कभी भी केंद्र पर ड्यूटी देने नहीं आती हैं। सहायिका का कहना है कि उन्होंने कई बार कार्यकर्ता से केंद्र पर समय से आने का आग्रह किया है, लेकिन पिछले करीब दो वर्षों से वह एक बार भी केंद्र पर उपस्थित नहीं हुई हैं। इसी तरह, कुराचोर खुर्द गांव के आंगनवाड़ी केंद्र पर भी औचक निरीक्षण के दौरान ताला लटका हुआ पाया गया। वहाँ की सहायिका गणेशी के पति बीरबल आदिवासी ने सफाई देते हुए बताया कि कार्यकर्ता पास के पोहरी क्षेत्र में रहती हैं और शायद किसी जरूरी काम के चलते आज केंद्र पर नहीं पहुंच पाई हैं, जबकि उनकी अपनी पत्नी गणेशी की भी तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही है।
निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर को भी अनुपस्थित मिलीं कार्यकर्ता, बाल विकास परियोजना अधिकारी ने की कार्रवाई
इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए सेसईपुरा के सेक्टर सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही इन आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें दौलतपुर की कार्यकर्ता शगुन आदिवासी मौके से पूरी तरह गायब मिलीं। उन्होंने इस गंभीर लापरवाही की लिखित रिपोर्ट तुरंत बाल विकास परियोजना अधिकारी को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, कुराचोर खुर्द के केंद्र पर मिली अनिमितता और ताले के मामले में भी संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने लिया कड़ा संज्ञान, कुपोषण मिटाने के दावों की खुल रही है पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के कराहल परियोजना अधिकारी नितिन मित्तल ने मीडिया को जानकारी दी कि उनके संज्ञान में यह पूरा मामला आ चुका है। दौलतपुर की गैर-हाजिर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को विधिवत नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा गया है, साथ ही कुराचोर खुर्द की कार्यकर्ता और सहायिका को भी जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि श्योपुर जैसे आकांक्षी और कुपोषण की मार झेलने वाले जिले में बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को रीढ़ की हड्डी माना जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाही प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बड़े और गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रही है।