Delhi Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की उठी मांग
New Delhi: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास अशोका रोड पर ‘पीपुल अगेंस्ट SIR गठबंधन’ के बैनर तले आयोजित किया गया। इस विरोध में राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र संगठन और कई अर्थशास्त्री बड़ी संख्या में शामिल हुए।
दिग्गज नेताओं ने की इस्तीफे की मांग
इस विरोध प्रदर्शन में सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव सहित कई प्रमुख एक्टिविस्ट शामिल हुए। सभी प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से हट नहीं जाते, तब तक उनका यह संघर्ष और आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग
इस आंदोलन का मुख्य कारण मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया है। ‘पीपुल अगेंस्ट SIR गठबंधन’ के कार्यकर्ताओं का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का बदलाव या पुनरीक्षण करते समय आम मतदाताओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ SIR का विरोध ही नहीं किया, बल्कि भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका पूरा जोर इस बात पर था कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिकता के आधार पर तत्काल अपना पद छोड़ देना चाहिए और विवादित SIR प्रक्रिया को फौरन वापस लिया जाना चाहिए।
विभिन्न वर्गों की एकजुटता
इस प्रदर्शन में वामपंथी नेता वृंदा करात और योगेंद्र यादव के मंच साझा करने से यह मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का रूप ले चुका है। इन वरिष्ठ नेताओं के अलावा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वाले एक्टिविस्ट और कई अर्थशास्त्री भी इस विरोध का हिस्सा बने।
मांगों पर अडिग हैं प्रदर्शनकारी
‘पीपुल अगेंस्ट SIR गठबंधन’ के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से एकजुट हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे न तो SIR को रद्द करने की मांग से पीछे हटेंगे और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से कम कुछ भी उन्हें मंजूर होगा।
संघर्ष को आगे बढ़ाने का ऐलान
आंदोलन में शामिल लोगों ने मंच से स्पष्ट किया कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति विशेष के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं है। यह लड़ाई चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची के निष्पक्ष पुनरीक्षण जैसे बुनियादी सवालों को लेकर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक यह विरोध लगातार जारी रहेगा।