ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...

Japan MMX Mission to Mars: मंगल ग्रह के रहस्यों को उजागर करने के लिए जापान का अंतरिक्ष यान रवाना, फोबोस चंद्रमा से लाएगा मिट्टी के नमूने

मंगल ग्रह के बेहद रहस्यमयी चंद्रमाओं की खोज करने और वहाँ से अनमोल नमूने धरती पर लाने के एक बेहद अनोखे और ऐतिहासिक मिशन के तहत जापान का एक उन्नत अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह की ओर सफलतापूर्वक रवाना हो गया है. पांच साल तक चलने वाले इस मेगा मिशन में दुनिया भर की पांच प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियां आपस में मिलकर काम कर रही हैं. इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत मंगल ग्रह के दो छोटे चंद्रमाओं में से बड़े और पास वाले चंद्रमा, जिसे ‘फोबोस’ कहा जाता है, उसकी सतह पर एक रोबोटिक प्रोस्पेक्टर और एक विशेष रोवर उतारने की पूरी कोशिश की जाएगी. जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) इस पूरे अंतरिक्ष मिशन का नेतृत्व कर रही है, और एजेंसी ने तनेगाशिमा द्वीप पर स्थित देश के मुख्य स्पेसपोर्ट से आज मंगलवार (20 अक्टूबर) की सुबह इस अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. ‘मार्शियन मून्स एक्सप्लोरेशन’ (MMX) नाम दिए गए इस अभियान पर लगभग 57.8 करोड़ डॉलर का भारी-भरकम खर्च आने का अनुमान लगाया गया है.

⏳ 2031 तक पृथ्वी पर आ जाएंगे नमूने, आलू के आकार की चट्टान ‘फोबोस’ से जुड़े सुलझेंगे रहस्य

पिछले 50 वर्षों के इतिहास में नासा (NASA) ने मंगल ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक नौ अंतरिक्ष यान उतारे हैं, और साल 2021 में चीन ने भी अपना यान वहाँ उतारा था, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई भी अंतरिक्ष एजेंसी फोबोस या उसके साथी चंद्रमा ‘डीमोस’ तक पहुँचने में कामयाब नहीं हो पाई है. इसके अलावा, मंगल या उसके चंद्रमाओं की सतह से सुरक्षित नमूने वापस धरती पर लाने में भी अब तक कोई सफलता नहीं मिली है. ऐसे में अगर जापान का यह MMX मिशन पूरी तरह सफल रहता है, तो साल 2031 तक फोबोस की धूल, मिट्टी और प्राचीन चट्टानों के अनमोल नमूने पृथ्वी पर वापस आ जाएंगे. मंगल ग्रह के किसी चंद्रमा से सीधे नमूने लाकर धरती पर उनका वैज्ञानिक अध्ययन करने वाला यह दुनिया का अपने आप में पहला अनूठा मिशन होगा. वैज्ञानिकों को पूरी उम्मीद है कि इससे मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति, सौर मंडल के ग्रहों के निर्माण और अंतरिक्ष से जुड़े कई अनसुलझे रहस्यों को समझने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी.

🤖 उछलने वाला रोवर ‘इडेफिक्स’ और कड़ा मुकाबला: चीन और जापान के बीच स्पेस रेस

इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यान अगली गर्मियों के आखिर तक मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँच जाएगा और वहाँ से एक फ्रांसीसी-जर्मन रोवर को छोड़ेगा, जिसका नाम ‘इडेफिक्स’ (Idefix) रखा गया है. माइक्रोवेव ओवन से भी छोटे आकार का यह चार पहियों वाला रोवर फोबोस की कम गुरुत्वाकर्षण वाली सतह पर उतरेगा और धीमी गति से आगे बढ़कर मुख्य लैंडर के लिए सुरक्षित रास्तों की तलाश करेगा. मुख्य लैंडर फोबोस की सतह पर केवल दो घंटे बिताकर ड्रिलिंग करेगा और कम से कम 10 ग्राम सामग्री इकट्ठा करके अंतरिक्ष में वापस रवाना हो जाएगा, जो 2031 तक ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में सैंपल पहुँचाएगा. वैज्ञानिक इस बात को लेकर भी उत्साहित हैं कि मंगल प्रणाली से सैंपल वापस लाने की इस वैश्विक होड़ में जापान और चीन के बीच कड़ी टक्कर चल रही है, क्योंकि दोनों ही देश 2031 का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं. इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट में जापान के अलावा नासा, फ्रेंच स्पेस एजेंसी, जर्मन स्पेस एजेंसी और यूरोपियन स्पेस एजेंसी भी आर्थिक और तकनीकी योगदान दे रही हैं.