ब्रेकिंग
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में राजस्थान के कोटा से तीनों शूटर गिरफ्तार Cockroach Janta Party Leaders Arrest: कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की रिहाई में देरी पर विवाद, मजिस्... Manipur Ethnic Violence: मणिपुर के कामजोंग में फिर भड़की हिंसा, 36 घंटों में 28 घरों में लगाई गई आग Delhi E-Rickshaw Policy: दिल्ली में ई-रिक्शा के संचालन के लिए नया ड्राफ्ट पेश, संख्या 2.5 लाख तक सीम... IND-W vs ZIM-W 2nd T20: भारतीय महिला टीम ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से रौंदा, निकी प्रसाद और शेफाली वर... Donald Trump on Russia Sanctions: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने से क्यों किया... Stock Market Crash Today: महानवमी पर शेयर बाजार में धड़ाम! सेंसेक्स 538 अंक फिसला, निवेशकों के डूबे ... Refurbished Smartphone Market in India: महंगे हुए नए फोन, भारत में 13% तक बढ़ी रिफर्बिश्ड स्मार्टफों... Sharad Purnima 2026 Date and Time: शरद पूर्णिमा कब है? जानें सही तिथि, चंद्रोदय का समय और मां लक्ष्म... AI Girlfriend Scam: ऑनलाइन प्यार की तलाश में सब कुछ बेचकर 1200 मील दूर पहुंचा शख्स, प्रेमिका निकली A...

Navratri Kanya Pujan Vidhi 2026: दुर्गा अष्टमी पर ऐसे करें कन्या पूजन, जानिए चरण धोने से लेकर भोजन और उपहार देने की सही विधि

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का त्योहार शुरू होता है, जो इस बार 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ शक्ति रूपों की बड़े प्रेम और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन करने का बहुत अधिक महत्व होता है. ऐसा माना जाता है कि छोटी-छोटी कन्याएं साक्षात मां दुर्गा का स्वरूप होती हैं. उनका पूजन करने से माता रानी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. उपवास रखने वाले भक्तजन अष्टमी के दिन बहुत ही श्रद्धा भाव से कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करते हैं. कन्याओं का स्वागत करके उन्हें भोजन कराने से व्रत पूरी तरह सफल माना जाता है. आइए जानते हैं कि घर पर सही विधि से कन्या पूजन कैसे करें.

🪑 कन्याओं को आमंत्रित करने और आसन पर बिठाने के नियम

  • दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने से पहले सभी तैयारियां सही से कर लेनी चाहिए.

  • सबसे पहले नौ कन्याओं और एक छोटे बालक को आदर एवं सम्मान सहित अपने घर बुलाएं.

  • इन नौ कन्याओं को मां दुर्गा का नव शक्ति स्वरूप और बालक को बटुक भैरव या लांगुर मानकर पूजा जाता है.

  • घर आगमन पर सभी कन्याओं को बहुत प्रेम से आसन पर बिठाएं.

  • इसके बाद उनके चरण स्वच्छ जल से धोकर उन्हें साफ कपड़े से पोंछें.

  • फिर उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का सुंदर तिलक लगाएं और हाथों पर सुरक्षा के रूप में मौली बांधें.

  • इस प्रकार सम्मानपूर्वक स्वागत करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

  • यह शुरुआती प्रक्रिया कन्या पूजन के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है, जिससे पूजा की शुरुआत बहुत ही शुभ होती है.

🍲 भोग लगाने, चरण स्पर्श और उपहार देने की पूरी प्रक्रिया

कन्याओं के आदर-सत्कार और पूजन के बाद उन्हें बहुत प्रेम और श्रद्धा के साथ भोजन कराएं. भोजन में हलवा, काले चने, पूरी और सब्जी का सात्विक प्रसाद परोसें, क्योंकि यह आहार माता रानी को भी अत्यंत प्रिय होता है. जब सभी कन्याएं और लांगुर भोजन कर लें, तो उनके चरण स्पर्श करके भक्ति भाव से उनका आशीर्वाद लें. इसके बाद यदि आपका सामर्थ्य हो तो उन्हें अपनी श्रद्धा के अनुसार कोई सुंदर उपहार या दक्षिणा जरूर भेंट करें. इस प्रकार सच्चे मन से किया गया पूजन घर में सुख, शांति और खुशहाली लेकर आता है. नियमपूर्वक पूजन संपन्न करने से परिवार पर माता रानी की कृपा सदैव बनी रहती है. इस पावन विधि का पालन करने से जीवन के सभी कष्ट धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं.