Ujjain Garba Vivad News: उज्जैन में कमर्शियल गरबा आयोजनों पर बवाल, हिंदू जागरण मंच के हंगामे के बाद दो इवेंट रद्द
उज्जैन: धर्मनगरी उज्जैन में शारदीय नवरात्रि के बीच गरबा आयोजनों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. 11 अक्टूबर से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि में 13 से 19 अक्टूबर तक संचालकों द्वारा कई होटल, रिसोर्ट और गार्डनों में निजी गरबा इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं. हिन्दू जागरण मंच ने कई निजी इवेंट में पास बेच कर बिना प्रशासनिक अनुमति के अवैध कारोबार करने का गंभीर आरोप लगाया है. संगठन ने इवेंट में पहुंचकर हंगामा भी खड़ा किया और दो इवेंट को रद्द करवा दिया.
📢 ‘2500 रुपए तक के बेचे गए पास’: प्रशासनिक अनुमति और नियमों की उड़ी धज्जियां
हिन्दू जागरण मंच का कहना है कि हम नवरात्रि के पहले ही प्रशासन को व्यावसायिक गरबा नहीं करने देने को लेकर ज्ञापन दे चुके थे, बावजूद इसके प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना की गई है. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि किसी को पास बेचने की अनुमति नहीं दी गई है.
हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह भदौरिया ने कहा, “हम पिछले दो महीनों से विरोध कर रहे हैं कि हमारे हिंदू उत्सवों का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए. 2500 रुपए तक के पास बेचे गए हैं. उज्जैन में कोई भी पेड गरबा इवेंट नहीं होगा और प्रशासन ने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है.” वहीं, एसडीएम लक्ष्मीकांत गर्ग ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा जारी किसी भी अनुमति में भुगतान या टिकट का प्रावधान नहीं है. यदि ऐसा मामला सामने आता है, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
📋 7 दिन में 10 गरबा इवेंट और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
शहर भर में जिन 10 गरबा इवेंट को लेकर हंगामा खड़ा हुआ है, उनमें केसरिया रास, डांडिया बीट्स, शुभारंभ, अवंतिका रास, ऐ-हालो, गरबा उत्सव, अवंतिका नाइट्स, गरबा रास, मिर्ची रॉक एंड रोल, और ताल गरबा शामिल हैं. इनमें से लगभग 8 इवेंट्स में पास की बिक्री की बात सामने आई है.
एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि पुलिस के अभिमत के आधार पर अनुमतियां जारी की गई थीं, जिनमें शुल्क या निशुल्क का कोई स्पष्ट उल्लेख आवेदन में नहीं रहता है. हालांकि, अवैध या पेड गरबा की शिकायत मिलने पर पुलिस को उचित वैधानिक कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है. हंगामे के बाद प्रशासन ने फिलहाल दो इवेंट्स को रद्द करवा दिया है, लेकिन खरीदे गए पास के रिफंड को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है.