ब्रेकिंग
Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल... Banda Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बांदा में तेज रफ्तार बाइक ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के ... Yogi Adityanath on Navratri 2026: सीएम योगी ने की मां कालरात्रि की आराधना, कहा— '2017 से पहले प्रदेश... RG Kar Medical College Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मिली जमानत, समिक भट्टाचार्य का ... Pregnancy Scan Guide: प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड क्यों जरूरी है और डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने से क्य... Greater Noida Mystery: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, फूड पॉइजन... Meerut Saurabh Rajput Murder Case: मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब जाएगी हाईकोर्ट, जेल प्रशासन से मा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 9 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर... CJP Founder Abhijit Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से मिली जमानत, 50...

ऑनलाइन सट्टा किंग बाबू उर्फ गुलशन खेमानी पर रायपुर पुलिस का शिकंजा, 1.42 करोड़ की संपत्ति कुर्क

रायपुर: संगठित अपराधों और अवैध आर्थिक गतिविधियों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का एक्शन जारी है. शुक्रवार को सेंट्रल ज़ोन के गंज थाना पुलिस और एसीसीयू टीम की ओर से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी और उसके सहयोगियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के अंतर्गत न्यायालय में कुर्की की कार्रवाई पेश की गई.

📱 सट्टे के अवैध नेटवर्क का खुलासा, 29 आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

सेंट्रल ज़ोन गंज थाना में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस के तहत 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, गंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप पर कार्रवाई की गई. ऑनलाइन सट्टा एप चलाने वाले संगठित गिरोह का खुलासा पुलिस ने कार्रवाई के बाद किया. पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों के माध्यम से कॉल सेंटर, विभिन्न मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों का उपयोग कर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कर रहा था.

गंज पुलिस के मुताबिक सट्टे से मिलने वाले अवैध पैसों को आरोपी अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों के जरिए हासिल करता था. फिर वापस उन पैसों को अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया करता था. इसके एवज में सहयोगियों को कमीशन आरोपी दिया करता था. केस में मुख्य आरोपी सहित कुल 29 आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही लगभग 1 करोड़ 20 लाख का सामान और वाहन जब्त किया गया है.

📋 कुर्क की गई संपत्तियों की सूची और वित्तीय जांच के आंकड़े

घटना की वित्तीय जांच में आरोपियों की संपत्तियों एवं बैंक लेनदेन की जांच करते हुए अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान की गई. जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में पेश आवेदन पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर द्वारा विविध दांडिक प्रकरण के तहत 16 अक्टूबर 2026 को लगभग 1 करोड़ 42 लाख मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया.

कुर्क संपत्ति की लिस्ट इस प्रकार है:

  • महासमुंद के ग्राम अरंड स्थित कृषि भूमि मूल्य 1.78 लाख

  • रायपुर के देवपुरी स्थित भूखंड मूल्य 23 लाख

  • जोरा पारा स्थित भूखंड मूल्य 2.50 लाख

  • महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ स्थित व्यावसायिक दुकान मूल्य 74 लाख

  • बैंक ऑफ इंडिया के एफडी खाते से संबंधित 40.50 लाख

⚠️ पुलिस की कड़ी चेतावनी—अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य को किया जाएगा ध्वस्त

कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों एवं बैंक प्रबंधन को संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक धनराशि के अंतरण पर रोक लगाने हेतु पत्र जारी किए गए हैं. साथ ही संबंधित जिला कलेक्टरों को आगामी वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं. पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को केवल उनकी गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि अपराध से अर्जित धनराशि, अचल संपत्तियों एवं उनके आर्थिक नेटवर्क की भी जांच की जाएगी. पुलिस ने कहा कि अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ को समाप्त करना और संगठित अपराधों के आर्थिक आधार को कमजोर करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है.