Pindra OPs Raid: पिस्का मोड़ के अपार्टमेंट से चल रहा था ठगी का धंधा, पुलिस ने 7.98 लाख कैश और मोबाइल बरामद किए
झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक बड़े साइबर सिंडिकेट का खुलासा करते हुए मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। यह गिरोह नौकरी दिलाने, आकर्षक निवेश और ऊंचे मुनाफे का लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ के पास स्थित मालती और परासर अपार्टमेंट के दो संदिग्ध फ्लैटों में छापेमारी कर 7,98,100 रुपये नकद समेत दर्जनों मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
🔍 पिस्का मोड़ के फ्लैटों से चल रहा था रैकेट, सिटी एसपी के नेतृत्व में हुई विशेष कार्रवाई
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पिस्का मोड़ के आसपास के कुछ फ्लैटों से सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी का अवैध धंधा चलाया जा रहा है। इसके बाद सिटी एसपी के निर्देशन और कोतवाली एएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। मंगलवार को की गई इस छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 5 पासबुक, 12 सिम कार्ड, 25 नोटबुक और एक पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की है। जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी ठगी की रकम मिलने पर इन्हें 25 प्रतिशत तक का कमीशन मिलता था।
⚖️ पलामू और गढ़वा के रहने वाले हैं ज्यादातर आरोपी, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें संपर्क
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी पलामू जिले के तरहसी और लेस्लीगंज थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 252/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रांची पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी या निवेश के फर्जी प्रलोभनों से सावधान रहें और किसी भी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।