Navratri 2026 Date & Muhurat: नवरात्रि पर बन रहे हैं बेहद दुर्लभ योग, जानिए नौ दिनों के स्वरूपों की पूरी सूची
छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम से शुरू होने जा रहा है। 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय उत्सव में भक्त विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना करेंगे। इन नौ दिनों तक व्रत रखकर श्रद्धालु मां को प्रसन्न कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। ज्योतिष एवं वास्तुविदों के अनुसार, इस बार नवरात्रि कई दुर्लभ और शुभ संयोगों के साथ शुरू हो रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
🐘 इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही हैं माता रानी, जानिए आगमन और विदाई के संकेत
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर 2026 को है और घटस्थापना के लिए विशेष मुहूर्त तय किए गए हैं।
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घटस्थापना मुहूर्त: 11 अक्टूबर की सुबह 5:58 बजे से सुबह 9:12 बजे तक घटस्थापना की जा सकती है। इसके अलावा दोपहर 11:26 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक का अभिजीत और शुभ मुहूर्त भी बेहद उत्तम रहेगा।
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माता की सवारी: इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसे बेहद फलदायी और शुभता का प्रतीक माना जाता है। वहीं, चारण युद्ध में माता की विदाई होगी, जो देश में हल्की आकुलता और अस्थिरता का संकेत दे सकती है। इस दौरान प्रतिपदा तिथि पर धृति योग, गज केसरी योग, शश योग, राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है।
🌸 नवरात्रि के नौ दिनों की पावन तिथियां और मां के स्वरूप
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पहला दिन (11 अक्टूबर, रविवार): मां शैलपुत्री की पूजा एवं घटस्थापना
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दूसरा दिन (12 अक्टूबर, सोमवार): महाअष्टमी की विशेष पूजा
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तीसरा दिन (13 अक्टूबर, मंगलवार): मां चंद्रघंटा की पूजा
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चौथा दिन (14 अक्टूबर, बुधवार): महाअष्टमी की पूजा
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पाँचवा दिन (15 अक्टूबर, गुरुवार): मां स्कंदमाता की पूजा
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छठा दिन (16 अक्टूबर, शुक्रवार): मां कात्यायनी की पूजा
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सातवाँ दिन (17 अक्टूबर, शनिवार): महासप्तमी एवं मां कालरात्रि की पूजा
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आठवाँ दिन (18 अक्टूबर, रविवार): महाअष्टमी एवं मां महागौरी की पूजा
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नौवाँ दिन (19 अक्टूबर, सोमवार): महानवमी एवं मां सिद्धिदात्री की पूजा