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Dhanbad PF Investment Scam: झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, DHFL घोटाले में 727 करोड़ के नुकसान की होगी CBI जांच

धनबाद के कोयला कर्मियों की भविष्य निधि (PF) की बड़ी रकम के निवेश और उसके डूबने से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने Coal Employees Welfare Association, Dhanbad द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 727.67 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने का आधिकारिक निर्देश दे दिया है। इस आदेश के बाद अब प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।

💰 क्या है पूरा मामला और कैसे डूबे करोड़ों रुपये?

यह पूरा मामला कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) की ओर से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) में किए गए लगभग 1300 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा हुआ है। जब DHFL की आर्थिक स्थिति बिगड़ी और कंपनी संकट में आई, तो CMPFO की भारी-भरकम रकम उसमें फंस गई, जिससे कुल 727.67 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जब विशेषज्ञों और फंड मैनेजरों द्वारा पहले ही चेतावनी दी जा रही थी और निवेश वापस लेने की सलाह दी गई थी, तब भी समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।

🔍 कोर्ट की सख्ती और CBI जांच से खुलेगा सच

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CMPFO के हलफनामे में मामले को महज ‘कमर्शियल लॉस’ बताकर लीपापोती करने के प्रयासों पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने सवाल उठाया था कि जब विभागीय जांच अभी पूरी नहीं हुई थी, तब किसी अधिकारी को दोषमुक्त करने जैसा रुख कैसे अपनाया गया। 28 सितंबर को CBI ने अपने हलफनामे में अदालत को बताया था कि यदि हाईकोर्ट आदेश देती है, तो वह जांच करने के लिए तैयार है। अब 8 अक्टूबर के ऐतिहासिक आदेश के बाद CBI के सामने इस पूरे मामले की परतें खोलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस वित्तीय लापरवाही के लिए असल जिम्मेदार कौन था।