ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...

Palamu News Today: PTR के गारू क्षेत्र में ग्रामीणों ने छोड़ी हिंसा और शिकार की राह, वन देवी को साक्षी मानकर जमा कीं बंदूकें

पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत गारू इलाके में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम सामने आया है। यहाँ के 25 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वेच्छा से अपने 31 देसी हथियार सरेंडर कर दिए हैं। यह अनोखा समर्पण कार्यक्रम गारू इलाके में वन देवी के समक्ष संपन्न हुआ। विदित हो कि प्रतिवर्ष 2 से 8 अक्टूबर तक वन्य जीव सप्ताह मनाया जाता है, जिसके तहत वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने आगे आकर यह बड़ा कदम उठाया है।

🌳 नक्सल प्रभावित इलाके में बदलाव की बयार, प्रकृति प्रेम के लिए छोड़े हथियार

कभी अति नक्सल प्रभावित रहे पलामू टाइगर रिजर्व के इन इलाकों में वन्यजीवों के शिकार और सुरक्षा के लिए पारंपरिक व देसी हथियारों का इस्तेमाल किया जाता था। नक्सलकाल के दौरान ग्रामीणों तक ये हथियार पहुँचे थे। हालांकि, पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन लगातार ग्रामीणों से हथियार सरेंडर करने की अपील कर रहा था। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं, जहाँ साल 2025 में 23 हथियार सरेंडर किए गए थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 31 तक पहुँच गया है, जो PTR के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।

🤝 ‘हम प्रकृति के संरक्षक हैं’ – उपनिदेशक कुमार आशीष

पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक कुमार आशीष ने बताया कि ग्रामीण खुद से वन्यजीवों और प्रकृति को बचाने के लिए आगे आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रकृति के सच्चे आराधक हैं और जंगलों व वन्यजीवों की रक्षा के लिए वे अपने हथियारों का त्याग कर रहे हैं। वन देवी को साक्षी मानकर 25 गांवों के ग्रामीणों द्वारा उठाया गया यह कदम पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे वन्यजीव संरक्षण के अभियानों को नया बल मिलेगा।