Mandsaur Youth Death Case: सस्ता सोना और विवाद के चक्कर में गई जान, मजिस्ट्रियल जांच के बाद हुआ पोस्टमार्टम
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के मनासा खुर्द निवासी 16 वर्षीय ऋतुराज लोहार की जयपुर के एक अस्पताल में 11 दिनों तक आईसीयू में चले उपचार के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के स्वजन ने जयपुर के मुहाना थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वजन का दावा है कि पुलिस हिरासत में ऋतुराज के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह अचेत हो गया।
🔍 सस्ता सोना लेन-देन का मामला और जयपुर बुलावा
मृतक की मां हेमाबाई ने बताया कि उनके पति प्रकाश लोहार दुबई में वेल्डिंग का काम करते हैं। 17 सितंबर को वे जयपुर पहुंचे थे, जिसके बाद किसी व्यक्ति ने उनके बेटे ऋतुराज को फोन करके जयपुर बुला लिया। स्वजन के अनुसार, कुछ लोगों ने दुबई से सस्ता सोना लाने के लिए प्रकाश लोहार को पैसे दिए थे, लेकिन राशि समय पर न पहुंचने के कारण सोना नहीं आ पाया। इसी विवाद के चलते कुछ लोगों ने पुलिस की मदद से उन्हें पकड़ लिया और बाद में नाबालिग ऋतुराज को भी हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई।
🩺 मजिस्ट्रियल जांच और पांच डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम
घटना के बाद स्वजन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ बंसल ने स्वजन के बयान दर्ज किए। इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत पांच चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। वहीं मुहाना थाना प्रभारी मुकेश खराड़िया ने पुलिस पर लगे मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की नियमानुसार जांच की जा रही है।