आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति प्रवेश और धरने का मामला: राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मंगलवार (6 अक्टूबर) को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं व सांसदों के खिलाफ बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने और धरना देने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
🚶♂️ मार्च की नहीं थी अनुमति, पुलिस ने रोके प्रदर्शनकारियों को
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प्रस्तावित मार्च: दिल्ली पुलिस के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी, जिसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति दी गई थी।
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धरना और हिरासत: जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय के पास रोका, तो विपक्षी नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर चले गए। बार-बार चेतावनी के बावजूद परिसर खाली न करने पर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की और राहुल-प्रियंका समेत करीब 260 लोगों (जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे) को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन्स ले जाकर रिहा कर दिया गया।
🗣️ “सिर्फ FIR की वजह से हम पीछे नहीं हटेंगे…”
इस पूरी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नए कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने तीखा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनके साथ अन्य सांसद भी मौजूद थे, वे कहीं भी जबरदस्ती नहीं घुसे थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक लड़ेगी और पुलिस की इन एफआईआर से डरकर पीछे हटने वाली नहीं है।