Manendragarh Jila Samachar: कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण और सिद्धबाबा धाम में पूजा-अर्चना, विकास कार्यों पर चर्चा
मनेंद्रगढ़ पहुंचे कृषि विकास, किसान कल्याण एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया पर राज्यपाल द्वारा लगाई गई रोक का खुला स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भवन निर्माण और शैक्षणिक पदों पर भर्ती को लेकर लंबे समय से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं, जिन्हें शासन स्तर और विधानसभा में भी उठाया गया था। राज्यपाल ने कुलाधिपति के रूप में सभी पक्षों को सुनकर विवेकपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे सच्चाई सामने आएगी। बता दें कि राज्यपाल के उप सचिव द्वारा जारी आदेश में अनियमितताओं की शिकायतों के मद्देनजर अगले आदेश तक भर्ती और इंटरव्यू स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।
🏫 कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण और सिद्धबाबा धाम में दर्शन: मंत्रियों ने जानी व्यवस्थाएं
एमसीबी जिले के दौरे के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने अचानक प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रही छात्राओं से सीधे संवाद कर भोजन, आवास, पढ़ाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। इसके साथ ही देर शाम उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ प्रसिद्ध सिद्धबाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और मंदिर तक सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाया।
🏍️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पर निकली विशेष बाइक यात्रा का मनेन्द्रगढ़ में भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही विशेष बाइक यात्रा शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ पहुंची। गुजरात के वडनगर से शुरू होकर काशी विश्वनाथ धाम (वाराणसी) जाने वाली इस यात्रा का घुटरीटोला पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का तिलक किया, और दोनों मंत्रियों ने खुद बाइक चलाकर युवाओं के साथ सफर किया। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ के करीब 18 जिलों से होकर यह यात्रा गुजर रही है और इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं व बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।