UP Crime News: हथियार ले जाने पर सवाल पूछने पर मारपीट का मामला, वादी पक्ष ने संपत्ति कुर्की की मांग की
उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने वर्ष 2018 के एक युवक से मारपीट और गाली-गलौज के पुराने मामले में उनके खिलाफ एक बार फिर गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत के लगातार निर्देशों के बावजूद सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश न होने के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है, और मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 23 अक्टूबर को तय की गई है।
🔍 क्या था 2018 का पूरा मामला? शादी समारोह के दौरान हथियारों को लेकर हुआ था विवाद
वादी पक्ष के वकील भजनलाल गौतम के अनुसार, यह घटना वर्ष 2018 की है जब गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। उसी कार्यक्रम में चंद्रशेखर आजाद भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। पीड़ित धर्मेंद्र का आरोप है कि जब उसने चंद्रशेखर से इतने हथियार साथ लेकर चलने के बारे में पूछा, तो उन्होंने राइफल होने की बात कही। इसके बाद चंद्रशेखर और उनके साथियों (गुलजार सिद्दीकी, पंकज जाटव व अन्य) ने उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी थी।
🏛️ सुनवाई से लगातार अनुपस्थित रहने पर कोर्ट सख्त: वादी पक्ष ने संपत्ति कुर्की की मांग की
वादी के वकील ने बताया कि इस मामले में पहले भी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन सांसद अदालत में पेश नहीं हुए। हाल ही में 28 सितंबर को भी पेशी की तारीख थी, जिस दिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। साथ ही, वादी पक्ष के वकील ने अदालत से सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई करते हुए सांसद की संपत्ति की कुर्की कराए जाने की भी मांग की है।