Itarsi Leopard News: ऑर्डनेंस फैक्ट्री और केंद्रीय विद्यालय परिसर में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत, वन विभाग की टीम कर रही है निगरानी
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से एक हैरान कर देने वाला और रोमांचक मामला सामने आया है। नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुराड़िया में रविवार दोपहर को एक सूखा और गहरा कुआं अचानक चर्चा का केंद्र बन गया, जब उसमें एक विशाल अजगर जा गिरा। ग्रामीणों ने जब कुएं के भीतर अजगर को देखा तो उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। हरचंद चौकी पर तैनात पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया, लेकिन उस गहरे कुएं से अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू करना किसी भी लिहाज से आसान काम नहीं था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत वन विभाग को भी इस घटना की सूचना दी गई, परंतु वन विभाग की टीम के पहुंचने में हो रही देरी को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस ने खुद ही अजगर का रेस्क्यू करने का जोखिम भरा बीड़ा उठाया।
🪢 रस्से के सहारे कुएं के भीतर उतरे आरक्षक अतुल शर्मा, लकड़ी के सहारे अजगर को प्लास्टिक की बोरी में किया कैद
सेमरी हरचंद चौकी में तैनात आरक्षक अतुल शर्मा को पहले से ही सांपों और वन्यजीवों के रेस्क्यू करने का अच्छा-खास अनुभव प्राप्त है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आरक्षक अतुल शर्मा ने खुद ही रेस्क्यू करने की पूरी तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, उस गहरे और सूखे कुएं में उतरना अपने आप में जान जोखिम में डालने जैसा था। इसके बाद सतर्क ग्रामीणों ने मिलकर एक मजबूत रस्से के सहारे आरक्षक अतुल शर्मा को धीरे-धीरे कुएं के नीचे उतारा। कुएं के अंदर पहुंचकर आरक्षक अतुल ने एक लकड़ी की मदद से पहले अजगर को पूरी तरह काबू में किया। इसके बाद अपनी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के दम पर उन्होंने उस भारी-भरकम अजगर को एक प्लास्टिक की बोरी के अंदर सुरक्षित कैद कर लिया। इसके बाद आरक्षक उसी रस्से की मदद से सुरक्षित कुएं से बाहर ऊपर आ गए और फिर उस अजगर को तुरंत जंगल में ले जाकर सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
🌳 10 फीट लंबे और 20 किलो वजनी अजगर को देख हैरान रह गए ग्रामीण, आरक्षक ने साझा किया अनुभव
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि ”यह अजगर आकार में काफी बड़ा था, जिसकी लंबाई लगभग 10 फीट और वजन करीब 15 से 20 किलो के आसपास रहा होगा।” अजगर का ऐसा साहसिक और पेशेवर रेस्क्यू करने वाले आरक्षक अतुल शर्मा की जांबाजी देखकर वहां मौजूद सभी ग्रामीण दंग रह गए और उनकी जमकर तारीफ की। इस सफल रेस्क्यू के बाद आरक्षक अतुल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, ”बहुत पहले जब आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोई सर्पमित्र उपलब्ध नहीं हुआ करता था, तब वे खुद ही आगे बढ़कर सांपों और अजगरों का रेस्क्यू किया करते थे। अक्सर ऐसा होता है कि कई बार ये सांप और अजगर जंगलों का रुख छोड़कर भटकते हुए खेतों और मानवीय आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। खेतों में इन्हें चूहे, मेंढक और अन्य छोटे जीव आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें वे अपना मुख्य भोजन बनाते हैं।”
🐆 इटारसी के ऑर्डनेंस फैक्ट्री और केंद्रीय विद्यालय परिसर में तेंदुए की चहलकदमी से अभिभावकों में दहशत
दूसरी तरफ, नर्मदापुरम के इटारसी शहर से भी एक और वन्यजीव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। इटारसी स्थित प्रमुख ऑर्डनेंस फैक्ट्री (Ordnance Factory) परिसर के भीतर एक तेंदुए के देखे जाने के बाद से स्थानीय रहवासियों और कर्मचारियों के बीच भारी दहशत का माहौल है। चौंकाने वाली बात यह है कि यही तेंदुआ स्थानीय केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) परिसर के अंदर भी घूमते हुए देखा गया है। स्कूल के इतने करीब तेंदुआ देखे जाने के बाद से बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस मामले पर जानकारी देते हुए वन विभाग के रेंजर अभिषेक शर्मा ने बताया कि, ”यह तेंदुआ उम्र में लगभग एक से डेढ़ साल का युवा है। यही तेंदुआ घटना से ठीक एक दिन पहले नागपुर कला गांव में भी नजर आया था। ऐसी पूरी संभावना जताई जा रही है कि वही घूमता हुआ तेंदुआ अब ऑर्डनेंस फैक्ट्री के परिसर तक जा पहुंचा है। फिलहाल वन विभाग की सबसे पहली और मुख्य प्राथमिकता इस तेंदुए को पूरी तरह सुरक्षित रेस्क्यू करना है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय जनहानि को टाला जा सके।”