Sanctioning Russia and Iran Act: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कानून से भारत पर मंडराया भारी आयात शुल्क का संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर दस्तखत कर इसे आधिकारिक तौर पर कानून बना दिया है। इस नए कानून के तहत रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे और साथ ही रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर भारी आयात शुल्क यानी टैरिफ लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इस सूची में भारत और चीन जैसे देश भी शामिल हैं, जिन पर आने वाले दिनों में इसका सीधा असर पड़ सकता है।
📊 2. भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर मंडरा रहा है कार्रवाई का खतरा, कानून के तहत राष्ट्रपति को मिले हैं विशेष अधिकार
भारत अपनी कुल जरूरत का 40 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल रूस से आयात करता है, जिसके चलते उस पर इस टैरिफ का बड़ा खतरा बना हुआ है। अमेरिकी सूची के अनुसार, रूस से सबसे ज्यादा ऊर्जा आयात करने वाले शीर्ष 5 देशों में भारत के अलावा चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। हालांकि, कानून राष्ट्रपति ट्रंप को यह व्यापक अधिकार देता है कि वे यह तय कर सकें कि किस देश पर कितनी दर से शुल्क लगाया जाए या फिर किन्हें नियमों में छूट दी जाए।
🛡️ 3. रूस की शैडो फ्लीट और ऊर्जा क्षेत्र पर भी कसी जाएगी नकेल, गैस आयात के मामले में दी जा सकती है कुछ विशेष शर्तें पूरी करने पर छूट
यह नया कानून रूस के ऊर्जा क्षेत्र, नेतृत्व और मॉस्को के रक्षा उद्योग के सहयोगियों को कड़ाई से निशाना बनाता है। इसके अलावा रूसी शैडो फ्लीट और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले विदेशी जहाजों के मालिकों व बीमाकर्ताओं पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। हालांकि, उन देशों को शुल्क से राहत मिल सकती है जिनका रूसी गैस आयात कुल निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है और जिन्होंने आयात घटाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।