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MP News: ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में क्या है लेटेस्ट अपडेट? गिरिबाला सिंह की बेल पर अब अगले हफ्ते होगी सुनवाई

जबलपुर। मध्य प्रदेश की चर्चित मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में मामले की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने अदालत के समक्ष उनका पक्ष रखा।

दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपना जवाब और तथ्य पेश करने के लिए अदालत से एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। इसके चलते मंगलवार को गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अंतिम फैसला नहीं हो सका और मामले की सुनवाई को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया।

🛡️ गिरिबाला सिंह के वकील का दावा: ‘आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई ठोस सबूत नहीं’

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने अदालत में तर्क दिया कि जांच एजेंसी के पास गिरिबाला सिंह के खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि उन्होंने अपनी बहू ट्विशा शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाया था।

इसी आधार पर उन्होंने कोर्ट से अपनी मुवक्किल को जमानत देने का अनुरोध किया। हालांकि, सुनवाई के दौरान सीबीआई अपनी तैयारी पूरी न होने के कारण केस डायरी पेश नहीं कर सकी और आपत्ति दर्ज कराने के लिए अदालत से एक सप्ताह का समय मांग लिया।

🔍 CBI रखेगी अपना पक्ष: केस डायरी और जांच रिपोर्ट कोर्ट में की जाएगी पेश

सीबीआई की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि फिलहाल केस डायरी उपलब्ध नहीं है और जमानत अर्जी पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराने के लिए सात दिनों की मोहलत चाहिए। अब आगामी सुनवाई में सीबीआई गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करेगी और अब तक की जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों को हाईकोर्ट के समक्ष रखेगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि इस दौरान मृतका ट्विशा शर्मा के पक्ष के वकील भी पूरी तरह तैयार नहीं थे।

💔 12 मई 2026 को ससुराल में मृत मिली थी ट्विशा: मायके पक्ष ने लगाए थे गंभीर आरोप

उल्लेखनीय है कि यह सनसनीखेज मामला 12 मई 2026 को सामने आया था, जब भोपाल स्थित अपने ससुराल में ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था।

घटना के तुरंत बाद ट्विशा के मायके पक्ष ने उनके पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

शुरुआती दौर में मामले की जांच स्थानीय पुलिस और एसआईटी (SIT) द्वारा की जा रही थी, लेकिन परिजनों द्वारा जांच पर सवाल उठाए जाने और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद मध्य प्रदेश सरकार की अनुशंसा पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

📞 फोन कॉल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जांच का मुख्य आधार: AIIMS दिल्ली की टीम ने किया था दूसरा पोस्टमॉर्टम

इस मामले में ट्विशा की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। परिजनों का दावा है कि मौत से कुछ ही देर पहले ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी और ससुराल में हो रही समस्याओं का जिक्र किया था। परिजनों के मुताबिक, बातचीत के दौरान ही उसका पति कमरे में आया और कॉल कट गया।

मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए सीबीआई ने ट्विशा का मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बनाया है।

इसके अलावा, सीबीआई ने घटनास्थल पर जाकर सुसाइड सीन को रीक्रिएट भी किया था। हाईकोर्ट के विशेष आदेश के बाद दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) के विशेषज्ञों की टीम ने एम्स भोपाल में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम भी किया था, जिसके बाद जांच नए दिशा-निर्देशों पर आगे बढ़ी।

📅 22 सितंबर को हो सकती है अगली महत्वपूर्ण सुनवाई: जमानत पर टिकीं सभी की निगाहें

अब इस बहुचर्चित मामले में सबकी निगाहें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। यद्यपि अदालत ने कोई निश्चित तिथि तय नहीं की है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि 22 सितंबर को मामले पर अगली सुनवाई हो सकती है।

एक तरफ जहां बचाव पक्ष का दावा है कि आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सीधा प्रमाण नहीं है, वहीं सीबीआई को यह स्पष्ट करना होगा कि अब तक की तफ्तीश में आरोपी के खिलाफ क्या पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। ऐसे में अगली सुनवाई गिरिबाला सिंह की जमानत के लिहाज से बेहद निर्णायक मानी जा रही है।