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Balaghat Baiga Child Deaths: बालाघाट में 30 से ज्यादा बैगा बच्चों की मौत का मामला गरमाया, CJP संयोजक अभिजीत दीपके पहुंचे गांव

बालाघाट (मध्य प्रदेश): बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड अंतर्गत विभिन्न आदिवासी गांवों में बैगा परिवारों के 30 से अधिक बच्चों की असामयिक मौत का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ता जा रहा है।

प्रशासन और राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संज्ञान लेने के बाद, अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गई है। शनिवार को सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके प्रभावित ग्रामीण अंचलों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान गांव में मौजूद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और दीपके के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

🏘️ कुंडेकसा और बांदरी पहुंचे अभिजीत दीपके: बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराने का लगाया गंभीर आरोप

पीड़ित परिवारों से मुलाकात और गंभीर आरोप:

  • गांवों का दौरा: अभिजीत दीपके ने बिरसा ब्लॉक के अति-संवेदनशील गांव कुंडेकसा और बांदरी का दौरा कर मृत बच्चों के शोकाकुल परिजनों से भेंट की और उन्हें मिल रही सरकारी सहायता व मुआवजे की स्थिति जानी।

  • आंदोलन का अल्टीमेटम: उन्होंने दो टूक कहा कि यदि पीड़ितों को समय पर उचित न्याय और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलीं, तो वे क्षेत्र में एक विशाल जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।

  • आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल: अपने सोशल मीडिया बयान में उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर मौतों की वास्तविक संख्या आधिकारिक 36 के आंकड़े से कहीं अधिक है और आदिवासियों के आक्रोश के बाद ही 86 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

  • लापरवाही के आरोप: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव में कई बच्चों का बिना पोस्टमार्टम कराए, यहां तक कि कुछ मामलों में माता-पिता की अनुपस्थिति में अंतिम संस्कार कराया गया, जबकि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती थी।

🗣️ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से तीखी बहस: ‘जिसे चुनकर भेजा है, सवाल उससे पूछिए’

दौरे के दौरान उत्पन्न हुआ विवाद:

  • इन्फ्लुएंसर्स का घेराव: पीड़ित परिजनों से मुलाकात के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ ने अभिजीत दीपके को घेर लिया और उनके अचानक आने के मंतव्य पर सवाल खड़े किए।

  • नारेबाजी और गरमा-गरमी: मौके पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक जोरदार नारेबाजी और तीखी बहस की स्थिति बनी रही।

  • दीपके का जवाब: सवालों का पलटवार करते हुए दीपके ने कहा, “जिन्हें जनता ने वोट देकर सत्ता में भेजा है, सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए। मैं यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि बेबस परिवारों का दुख बांटने और उनके हक की लड़ाई लड़ने आया हूं।”

🏥 जिला प्रशासन का पक्ष: स्वास्थ्य दल कर रहे घर-घर स्क्रीनिंग, 20 हजार से अधिक बच्चों का टीकाकरण

प्रशासनिक राहत और चिकित्सीय व्यवस्थाओं का आधिकारिक ब्योरा:

  • कलेक्टर का संपर्क: मामले की गंभीरता पर बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

  • जनसंपर्क विभाग का स्पष्टीकरण: प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जन-जागरूकता का सघन अभियान चलाया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य जांच के आंकड़े: अब तक कुल 6,560 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 1,167 मरीज विभिन्न बीमारियों से पीड़ित पाए गए। इनमें से 453 गंभीर मरीजों का अस्पताल में तथा 677 मरीजों का घर पर निगरानी रखकर उपचार किया गया।

  • टीकाकरण और पोषण अभियान: कुल 458 विशेष सत्र आयोजित कर अब तक 20,838 बच्चों का टीकाकरण पूरा किया जा चुका है। साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।