ब्रेकिंग
Bihar CBI Guidelines: बिहार में CBI की एंट्री पर नए नियम लागू, राज्य कर्मियों के खिलाफ जांच से पहले ... CPL 2026: रहमानुल्लाह गुरबाज ने तोड़ा बाबर आजम का बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड, गयाना अमेजन वॉरियर्स की लगाता... Hanuman Ansh Vs Toxic: 'मिर्जापुर' के तूफान में भी डटी 'हनुमान अंश', 29वें दिन कमाए 10 करोड़; यश की ... Nepal Flood Tragedy: नेपाल में भीषण बाढ़ से हाहाकार, 275 भारतीय अब भी लापता; MEA ने दी राहत-बचाव की ... SGB निवेशकों को RBI का बड़ा तोहफा: 2021-22 सीरीज VI के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का ऐलान Phone Charging Tips: क्या फोन को केवल 80% तक ही चार्ज करना चाहिए? जानिए 20-80% बैटरी रूल का पूरा सच Krishna Janmashtami Celebrations: मंदिरों में गूंजे घंटे-घड़ियाल, माखन-मिश्री का लगा भोग; आज सुबह 6:... Sea Buckthorn Nutrition: स्किन चमकाने से लेकर डायबिटीज कंट्रोल करने तक, जानिए क्यों 'वंडर बेरी' कहला... Monsoon Alert 2026: दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के आसार, पहाड़ों से लेकर दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश... Prayagraj Photographer Murder Case: प्रयागराज में दोस्त ने ही की फोटोग्राफर आलोक की हत्या, नीले बैग ...

दामला में टूटी सड़क को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा: सीएम सैनी ने खुद रुकवाया काफिला, दिया निर्माण का आश्वासन

यमुनानगर (हरियाणा): दामला क्षेत्र में लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर किसानों के विरोध का असर आखिरकार राज्य सरकार तक पहुंच गया।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के स्पष्ट ऐलान के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था। हालांकि, किसी भी संभावित गतिरोध या टकराव से पहले ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्वयं किसान संगठन के कार्यालय पर अपना काफिला रुकवा लिया। उन्होंने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और टूटी सड़क का निर्माण अविलंब शुरू कराने का ठोस भरोसा दिया।

👮 पुलिस प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट: भाकियू जिला कार्यालय पर तैनात रहा भारी सुरक्षा बल

प्रशासनिक हलचल और सुरक्षा व्यवस्था:

  • काफिला रोकने का ऐलान: भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने चेतावनी दी थी कि दामला क्षेत्र से गुजरते समय मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर उन्हें क्षेत्र की जर्जर सड़क की हकीकत से रूबरू कराया जाएगा।

  • पुलिस की घेराबंदी: किसानों के इस ऐलान के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। रादौर डीएसपी सुनील कुमार की अगुवाई में कई थानों की पुलिस टीम ने भाकियू के जिला कार्यालय के बाहर सुरक्षा घेरा बना लिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या मार्ग अवरोध से बचा जा सके।

🤝 किसानों के बीच सीधे पहुंचे मुख्यमंत्री: आमने-सामने बैठकर सुनीं समस्याएं

सीधी बातचीत और मांगों पर मंथन:

  • संवेदनशीलता से लिया फैसला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जैसे ही किसानों के विरोध और सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी संकोच के अपना काफिला रुकवाने का निर्देश दिया।

  • मुद्दों पर चर्चा: मुख्यमंत्री सीधे भाकियू कार्यालय के भीतर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकर संवाद किया।

  • जमीनी हकीकत से कराया अवगत: किसान नेताओं ने दामला क्षेत्र की गड्ढायुक्त सड़क की तस्वीरें और ग्रामीणों की दैनिक परेशानियों को मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।

🛠️ निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश: आश्वासन के बाद शांत हुआ किसानों का रोष

मामले का समाधान और आगामी उम्मीदें:

  • अधिकारियों को हिदायत: मुख्यमंत्री ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को सड़क के नवनिर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।

  • आंदोलन टला: जिस गंभीर मुद्दे को लेकर किसान घेराव और उग्र आंदोलन के मूड में थे, मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और त्वरित बातचीत से वह टकराव पूरी तरह टल गया और माहौल शांत हुआ।

  • जमीनी क्रियान्वयन का इंतजार: अब दामला और आसपास के ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासनिक मशीनरी मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस आश्वासन को धरातल पर कितनी तेजी से अमल में लाती है।