ब्रेकिंग
Monsoon Alert 2026: दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के आसार, पहाड़ों से लेकर दक्षिण भारत तक झमाझम बारिश... Prayagraj Photographer Murder Case: प्रयागराज में दोस्त ने ही की फोटोग्राफर आलोक की हत्या, नीले बैग ... UP Politics News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद गिराए जाने पर गरमाई सियासत, इमरान मसूद ने बताया काला दि... Crime in Ranchi: कबाड़ी को बेची कार और थाने में दर्ज करा दी चोरी की FIR, 4 लाख के क्लेम के चक्कर में... Shivamogga School News: परीक्षा में कम नंबर आने पर शिक्षिका ने बच्चों को लाठी से इतना पीटा कि निकल आ... MP Crime Updates: जबलपुर में त्योहार की रात सनसनी, मूर्तिकार को गोलियों से भूना; FSL टीम जांच में जु... Bhopal Fake IAS News: सोशल मीडिया पर रील बनाकर खुद को IAS बताने वाली तृप्ति राजपूत गिरफ्तार, लाखों क... Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर गरजा 6 बुलडोजर, तड़के 4 बजे से ध्वस्तीकरण शुरू; भारी ... Tragic Road Accident: जन्माष्टमी पर मातम, दुकानों में घुसा बेकाबू ट्रक; 3 लोगों की दर्दनाक मौत के बा... Haldwani Shuddhikaran Row: मल्लिकार्जुन खरगे शुद्धिकरण मामले में बड़ा एक्शन, बेंगलुरु पुलिस ने उत्तर...

CG Police Allowance News: छत्तीसगढ़ के 70 हजार पुलिसकर्मियों को ₹5000 विशेष रिस्पांस अलाउंस का प्रस्ताव, PHQ में अटका फैसला

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के लगभग 70 हजार जवानों और अधिकारियों के लिए प्रस्तावित ₹5,000 प्रतिमाह ‘विशेष रिस्पांस अलाउंस’ (Special Response Allowance) पर फिलहाल अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।

पुलिसकर्मियों के वेतनमान एवं विभिन्न सेवा भत्तों की समीक्षा हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति ने आरक्षक (कांस्टेबल) से लेकर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर तक के सभी मैदानी कर्मचारियों को यह विशेष भत्ता प्रदान करने की महत्वपूर्ण सिफारिश की है। हालांकि, समिति द्वारा तैयार किया गया यह विस्तृत प्रस्ताव वर्तमान में पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर पर विचाराधीन और लंबित है।

📋 6 पुराने भत्ते समाप्त करने का सुझाव: समेकित रूप से मिलेगा एक नया विशेष भत्ता

भत्तों के पुनर्गठन और समीक्षा समिति की सिफारिशें:

  • मौजूदा व्यवस्था में संशोधन: समीक्षा समिति ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले मौजूदा आठ अलग-अलग भत्तों की व्यवस्था में व्यापक फेरबदल का खाका तैयार किया है।

  • समेकित भत्ता योजना: समिति ने छह पुराने और अप्रासंगिक हो चुके भत्तों को पूरी तरह समाप्त कर उनकी जगह एकमुश्त ₹5,000 का एकीकृत ‘विशेष रिस्पांस अलाउंस’ लागू करने की अनुशंसा की है।

  • कर्मचारी संगठनों की उम्मीदें: अलग-अलग मदों के स्थान पर एकमुश्त राशि मिलने के इस प्रस्ताव पर अब पुलिस कर्मचारियों और उनके कल्याण संगठनों की निगाहें राज्य शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। कर्मचारी संघ इसे अविलंब लागू करने का आग्रह कर रहे हैं।

📉 वर्षों से नहीं हुआ भत्तों में संशोधन: माओवाद मोर्चे पर तैनात जवानों को भी पुरानी दरें

विसंगतियों और वेतन सुधार की आवश्यकता:

  • संशोधन का अभाव: पुलिस कर्मचारी संगठनों का कहना है कि फील्ड ड्यूटी के दौरान मिलने वाले कई दैनिक व विशेष भत्तों की दरों में पिछले कई वर्षों से कोई बदलाव या बढ़ोतरी नहीं की गई है।

  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति: माओवाद प्रभावित और अति-संवेदनशील इलाकों में विपरीत परिस्थितियों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को भी कई मदों में पुरानी व अपर्याप्त दरों के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है।

  • अन्य राज्यों से तुलना: समीक्षा समिति ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों में पुलिसकर्मियों को मिल रही वेतन व भत्ता व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद ही यह व्यापक प्रस्ताव तैयार किया है।

🏛️ 21 फरवरी 2025 को गठित हुई थी समिति: चार दौर की बैठकों के बाद तैयार हुई रिपोर्ट

समिति की कार्यप्रणाली और बैठकों का ब्योरा:

  • समिति का नेतृत्व: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण) की अध्यक्षता में इस विशेष समीक्षा समिति का गठन 21 फरवरी 2025 को किया गया था।

  • प्रतिनिधित्व: समिति में पुलिस मुख्यालय (PHQ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था।

  • बैठकों के चरण: समिति ने सभी पहलुओं पर गहन मंथन के लिए 25 फरवरी, 9 अप्रैल, 6 मई और 19 जून 2025 को कुल चार दौर की उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की थीं।

⏳ शासन के आदेश की प्रतीक्षा में जवान: कब लागू होगा ₹5000 का विशेष भत्ता?

प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति और पुलिसकर्मियों की मांग:

  • मुख्यालय में अटका प्रस्ताव: सभी औपचारिक प्रक्रियाओं और सिफारिशों के पूरा होने के बावजूद प्रस्ताव अभी पुलिस मुख्यालय से अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को नहीं भेजा जा सका है।

  • अंतिम निर्णय का इंतजार: राज्य भर के आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक (ASI), उपनिरीक्षक (SI) और निरीक्षक स्तर के हजारों पुलिसकर्मी इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि सरकार कब इस सिफारिश को मंजूरी देकर ₹5,000 का विशेष रिस्पांस अलाउंस उनके खातों में जारी करती है।