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रामानुजगंज में 9 हाथियों का दल मचा रहा उत्पात, ग्रामीणों को स्कूल में किया शिफ्ट

बलरामपुर (छत्तीसगढ़): जिले के रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज में जंगली हाथियों के एक दल द्वारा लगातार उत्पात मचाया जा रहा है। इस क्षेत्र में वर्तमान में 9 हाथियों का एक झुंड सक्रिय रूप से विचरण कर रहा है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है। हाथियों के संभावित खतरे और मानव-हाथी द्वंद को टालने के लिए वन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में लगातार सघन गश्त कर रही है तथा लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है।

🌾 खेतों में लहलहाती फसलों को रौंदा: खतरे के चलते ग्रामीणों को स्कूल में किया शिफ्ट

फसलों की बर्बादी और ग्रामीणों का विस्थापन:

  • फसलों का भारी नुकसान: हाथियों का झुंड खेतों में घुसकर धान व अन्य फसलों को बुरी तरह रौंदकर बर्बाद कर रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

  • सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग: कनकपुर के अल्मा गोदाम पारा में हाथियों के सीधे हमले के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान के तौर पर स्थानीय शासकीय स्कूल भवन में अस्थायी रूप से शिफ्ट कराया गया है।

🌊 झारखंड से कन्हर नदी पार कर पहुंचा हाथियों का झुंड: 10-12 दिनों से डेरा

हाथियों का रूट और विचरण का समय:

  • सीमा पार से आवागमन: यह 9 हाथियों का दल पड़ोसी राज्य झारखंड से कन्हर नदी के रास्ते छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में पहुंचा है।

  • लगातार मौजूदगी: हाथियों का यह दल पिछले 10-12 दिनों से इसी क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है।

  • शाम होते ही बस्तियों में दस्तक: दिन के उजाले में यह दल घने जंगलों में विश्राम करता है, लेकिन शाम ढलते ही भोजन की तलाश में रिहायशी बस्तियों और खेतों की तरफ रुख कर उत्पात मचाने लगता है।

🔦 वन विभाग की चौबीसों घंटे निगरानी: ग्रामीणों को बांटी गईं टॉर्च

सुरक्षा उपाय और प्रशासनिक सतर्कता:

  • ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग: हाथी प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में वन अमले द्वारा हाथियों के दल के मूवमेंट पर सैटेलाइट व मैदानी स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है।

  • संसाधनों का वितरण: रात के समय अंधेरे से निपटने और सुरक्षा के लिए जरूरतमंद ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से टॉर्च का वितरण किया गया है।

  • जंगल जाने पर पूर्ण पाबंदी: वन विभाग ने सख्त हिदायत जारी करते हुए ग्रामीणों को शाम ढलने के बाद जंगल की तरफ या संवेदनशील कच्चे रास्तों पर जाने से पूरी तरह मना किया है।