पंजाब में कर्मचारियों और मान सरकार के बीच टकराव तेज: 8 सितंबर को सामूहिक अवकाश, मंत्रियों व विधायकों के घरों के घेराव का ऐलान
पंजाब: राज्य के सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच का गतिरोध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। कर्मचारियों के खिलाफ सरकार द्वारा की गई हालिया अनुशासनात्मक कार्रवाई और जारी किए गए पत्रों के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को व्यापक रूप से तेज करने की घोषणा कर दी है।
कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनके खिलाफ जारी किए गए सभी दंडात्मक आदेश और पत्र बिना शर्त वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
📍 लुधियाना बैठक में बनी रणनीति: 8 सितंबर को रहेगा प्रदेशव्यापी सामूहिक अवकाश
आंदोलन की रूपरेखा और प्रारंभिक चरण:
-
रणनीतिक बैठक: लुधियाना में पंजाब भर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रमुख नेताओं की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन का विस्तृत खाका तैयार किया गया।
-
8 सितंबर को मास लीव: पहले चरण में राज्य भर के सभी विभागों के कर्मचारी 8 सितंबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (Mass Leave) लेकर सरकारी कामकाज ठप रखेंगे।
-
पत्र वापसी की मांग: कर्मचारी नेताओं ने मांग रखी है कि आंदोलनकारी कर्मचारियों को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी नोटिस तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं।
🏛️ 12-13 सितंबर को मंत्रियों और 19-20 सितंबर को विधायकों के आवासों का होगा घेराव
राजनीतिक दबाव और घेराव कार्यक्रम:
-
मंत्रियों का घेराव: आंदोलन के अगले चरण के तहत 12 और 13 सितंबर को राज्य सरकार के मंत्रियों के आधिकारिक आवासों और कार्यालयों का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा।
-
विधायकों के घरों पर प्रदर्शन: इसके उपरांत 19 और 20 सितंबर को प्रदेश के सभी सत्ताधारी विधायकों के आवासों के समक्ष विशाल विरोध प्रदर्शन एवं घेराव करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
📢 21-22 सितंबर को दोबारा सामूहिक छुट्टी: 30 सितंबर को चंडीगढ़ में ‘कर्मचारी विधानसभा’
आगामी बड़ा शक्ति प्रदर्शन:
-
दो दिवसीय हड़ताल: कर्मचारी संगठनों ने 21 और 22 सितंबर को लगातार दो दिन पुनः सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की है, जिससे प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना है।
-
समानांतर कर्मचारी विधानसभा: इस पूरे आंदोलन के निर्णायक चरण के रूप में 30 सितंबर को चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय ‘कर्मचारी विधानसभा’ आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी कड़े फैसलों पर मुहर लगाई जाएगी।