ब्रेकिंग
नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़: भारत ने तेज किया व्यापक राहत और बचाव अभियान युवाओं को साधने के लिए BJP का मेगा प्लान: 45 युवा नेताओं संग नितिन नबीन की बैठक, हर्ष सांघवी और ओपी ... गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐल... 'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान'; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर... सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क...

नवी मुंबई में वोटर लिस्ट के 3404 SIR फॉर्म लीक: BJYM नेता फोटोकॉपी कराते रंगे हाथों पकड़ा, 5 BLO सस्पेंड

नवी मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के नवी मुंबई क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) से जुड़े 3,404 आधिकारिक फॉर्म्स की निजी दुकान में फोटोकॉपी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

प्रशासनिक जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी फॉर्म पनवेल विधानसभा क्षेत्र (188) से संबंधित थे, जिनमें मतदाताओं के फोटोग्राफ, निजी विवरण और संबंधित BLO के आधिकारिक हस्ताक्षर दर्ज थे।

यह सनसनीखेज मामला तब उजागर हुआ जब शिवसेना (UBT) के एक स्थानीय पदाधिकारी ने खारघर स्थित एक फोटोकॉपी दुकान में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पदाधिकारी सूरज पाटिल को इन 3,404 गोपनीय SIR फॉर्म्स के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

⚖️ 5 BLOs सस्पेंड: BJYM पदाधिकारी सूरज पाटिल के खिलाफ BNS और RPA में FIR दर्ज

प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई का विवरण:

  • नायब तहसीलदार की शिकायत: घटना की सूचना मिलते ही राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जब्त दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के बाद नायब तहसीलदार की आधिकारिक शिकायत पर सूरज पाटिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

  • रायगढ़ कलेक्टर का बयान: रायगढ़ जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जब्त फॉर्म पूरी तरह असली थे और उनकी सुरक्षा की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी संबंधित BLOs की थी। गंभीर लापरवाही को देखते हुए क्षेत्र के 5 BLO को निलंबित कर दिया गया है।

  • कानूनी धाराएं: खारघर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर पाटिल को वैधानिक नोटिस जारी किया है।

📱 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: निजी फोटोकॉपी सेंटर तक फॉर्म पहुंचने पर बवाल

डिजिटल साक्ष्य और मौके की स्थिति:

  • घटना का वीडियो वायरल: दुकान में फॉर्म मिलने और बहसबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

  • फॉर्म्स की जब्ती: मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बड़ी संख्या में प्रिंट व फोटोकॉपी किए जा चुके SIR फॉर्म्स को जब्त कर सील कर दिया।

  • कार्यकर्ताओं में टकराव: इस घटना के बाद मौके पर शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प भी देखने को मिली।

🏛️ बीजेपी का पल्ला झाड़ने का प्रयास, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने उठाए सवाल

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

  • बीजेपी का रुख: पनवेल नगर निगम के पूर्व महापौर और बीजेपी नेता नितिन पाटिल ने दावा किया कि पार्टी संगठन का इस व्यक्तिगत प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।

  • कांग्रेस का हमला: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और मतदाताओं की निजी गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

🗣️ ‘सिर्फ BLO पर गाज गिराना काफी नहीं’: एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार का तीखा हमला

विपक्ष का कड़ा रुख और चुनाव आयोग से जवाब की मांग:

  • प्रक्रिया पर सवाल: एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि 5 BLO को निलंबित कर मामले को दबाया नहीं जा सकता; यह घटना पूरी SIR प्रक्रिया के संचालन में भारी खामियों को उजागर करती है।

  • बड़ी साजिश का आरोप: पवार ने कहा कि विपक्ष लगातार कह रहा है कि चुनावी लाभ के लिए मतदाता सूची की प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और यह घटना उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

  • वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग: उन्होंने मांग की कि निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ-साथ इन BLOs को अनधिकृत निर्देश देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों और संलिप्त नेताओं के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।